Dharm Desk – हिंदू पंचांग के अनुसार, 17 मई से शुरू हुआ पवित्र अधिकमास आज 15 जून को समाप्त हो रहा है. इसके साथ ही बीते 30 दिनों से रुकी हुई शुभ गतिविधियों पर लगा विराम भी खत्म हो जाएगा. इस एक महीने के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण संस्कार और नए व्यवसाय जैसे मांगलिक कार्यों को टाल दिया जाता है. लेकिन अब एक बार फिर से इन शुभ कार्यों की शुरुआत होने जा रही है. अधिकमास को धार्मिक दृष्टि से बेहद पुण्यदायी माना जाता है.

अधिकमास में क्यों रुके रहते हैं शुभ कार्य?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अधिकमास में सूर्य की कोई संक्रांति नहीं होती, यानी सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश नहीं करता. इस कारण इसे मलमास कहा जाता है. इसे मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है.
अधिकमास के समापन पर करें ये शुभ कार्य
अधिकमास के अंतिम दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है. अन्न, वस्त्र और जरूरत मंदों को दान करने से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान और संध्या के समय दीपदान करने से जीवन में सुख-शांति आती है. पुण्य फल की प्राप्ति होती है.
शिव पूजन और रुद्राभिषेक व आज का विशेष उपाय
इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन के कष्ट कम होते हैं. सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और गायत्री मंत्र का जाप करें. साथ ही गेहूं, तांबा या लाल वस्त्रों का दान करना अत्यंत फल दायी होगा.

