Rajasthan News: राजस्थान के प्रशासनिक महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सूबे के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बूंदी जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मंत्री ने काम में भारी लापरवाही और गड़बड़ी मिलने पर केशवरायपाटन के बीडीओ समेत 11 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। 12 जून 2026 को जारी हुए इस आदेश के बाद से पूरे प्रदेश के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

तालेड़ा और केशवरायपाटन के बीडीओ पर गिरी गाज

इस कड़े एक्शन की जद में सबसे पहले केशवरायपाटन के विकास अधिकारी आए हैं। उन्हें सस्पेंड कर उनका हेडक्वार्टर सीधे जयपुर अटैच कर दिया गया है। वहीं, तालेड़ा के बीडीओ को भी एपीओ (APO) कर पंचायती राज विभाग के जयपुर मुख्यालय भेज दिया गया है। इसके अलावा केशवरायपाटन, तालेड़ा और हिंडोली के नोडल अतिरिक्त विकास अधिकारियों और सहायक अभियंताओं के खिलाफ 16 सीसीए के तहत जांच शुरू कर दी गई है।

संविदाकर्मियों की छुट्टी और 11 वीडीओ सस्पेंड

मंत्री दिलावर के तेवर यहीं नहीं रुके। स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम कर रहे तालेड़ा, केशवरायपाटन और हिंडोली के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर्स की नौकरी तुरंत खत्म कर दी गई है। तीनों पंचायत समितियों के कनिष्ठ तकनीकी सहायकों को भी हटा दिया गया है। जमीतपुरा, सुवास, रडी, भीया और धोबड़ा जैसी ग्राम पंचायतों के प्रशासकों को पद से हटा दिया गया है, जबकि 11 ग्राम विकास अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

फाइलों में उग रहे थे पौधे, स्कूल से गायब थे गुरुजी

दरअसल, बीती 9 मई को मंत्री दिलावर ने बूंदी की कई पंचायतों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने सफाई और विकास फंड में घपले की शिकायत की थी। नालियां चोक थीं और हर तरफ कचरा बिखरा था। सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा पौधारोपण में मिला, जहां कागजों में हजारों पौधे लगे थे लेकिन जमीन पर एक भी नहीं था। वहीं, एक स्कूल की जांच में 21 में से 8 टीचर गायब मिले।

जिला परिषद की रिपोर्ट पर हुआ एक्शन

इस पूरे मामले पर जिला परिषद के सीईओ रवि वर्मा ने एक विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। जिन 11 पंचायतों में गड़बड़ी मिली है, उन्हें 7 दिन की मोहलत देकर पिछले 3 साल के खर्च और सफाई व्यवस्था का पूरा हिसाब देने का अल्टीमेटम दिया गया है।

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