Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर ने देश को नई तकनीकी राह दिखाई है। शहर में पेट्रोबोट रोबोटिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (RRDC) की शुरुआत हुई है। यह सेंटर राइजिंग राजस्थान पहल का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य खतरनाक औद्योगिक क्षेत्रों में काम करना है। यह कदम भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

12 करोड़ का निवेश और नई उम्मीद

इस रिसर्च सेंटर के लिए 12 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। पेट्रोबोट के संस्थापक सहाब सिंह ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य 50 लोगों को सीधे रोजगार देना है। इस सेंटर में ऐसे रोबोट तैयार किए जाएंगे जो पूरी तरह से स्वतंत्र होकर काम करेंगे। हाल ही में पचपदरा रिफाइनरी में इनके रोबोट ने तकनीकी खामियों को सफलतापूर्वक दूर किया था।

खतरनाक जगहों पर सुरक्षित होगा मानव जीवन

कई बार रिफाइनरियों और पावर हाउस के भीतर जाना जानलेवा साबित होता है। वहां जहरीली गैसें, रेडिएशन और अत्यधिक तापमान का खतरा होता है। अब ये स्वदेशी रोबोट उन जटिल और गहरे टैंकों में जाएंगे। वे वहां जाकर अंदरूनी जांच करेंगे। इससे उद्योगों का काम नहीं रुकेगा। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सैकड़ों मजदूरों और इंजीनियरों की जान सुरक्षित रहेगी।

गृह राज्यमंत्री ने किया उद्घाटन

शनिवार, 12 जुलाई को गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इस सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार इस विजन को पूरा करने में जुटी है। उन्होंने सभी से विकास के लक्ष्य में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

अमेरिका और चीन को मिलेगी कड़ी टक्कर

अब तक रोबोटिक्स बाजार में अमेरिका, चीन और जापान का वर्चस्व रहा है। भारत को अब तक केवल सॉफ्टवेयर विकास तक सीमित माना जाता था। हालांकि, जयपुर की यह उपलब्धि साबित करती है कि भारतीय स्टार्टअप अब हार्ड-कोर इंजीनियरिंग में भी सक्षम हैं। यहाँ बनने वाले रोबोट न केवल अत्याधुनिक हैं, बल्कि लागत में भी बेहद किफायती हैं। इसके परिणामस्वरूप, ये अंतरराष्ट्रीय बाजार में विदेशी मशीनों को कड़ी टक्कर देंगे।

पढ़ें ये खबरें