Rajasthan News: नासोली गांव में प्रेम विवाह को लेकर मेघवाल समाज में उभरा विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। पिंका मेघवाल द्वारा श्रवण मेघवाल से प्रेम विवाह करने के बाद जातीय पंचों ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया और इसके परिणामस्वरूप नासोली गांव के लगभग 100 मेघवाल परिवारों को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। साथ ही, इन परिवारों पर कुल 12 लाख रुपये का सामूहिक जुर्माना भी लगाया गया है।

सामाजिक कार्यक्रमों में रोक
बताया जा रहा है कि इन परिवारों को अब सामाजिक आयोजनों में भाग लेने से रोका जा रहा है। पिंका ने 27 मार्च को जालोर एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर भीनमाल थाने में जातीय पंचों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
5 अप्रैल को पंचों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर कहा कि किसी भी परिवार का बहिष्कार नहीं किया गया है। हालांकि, पीड़ित परिवारों का आरोप है कि यह बयान झूठा है और उन्हें समाज से अलग-थलग कर दिया गया है।
प्रभावित परिवारों ने थानाधिकारी रामेश्वर भाटी से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत द्वारा सामाजिक बहिष्कार और दबाव बनाना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) के तहत एक गंभीर अपराध है।
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