Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय के वीसी को पद से हटाने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि चांसलर ने वैधानिक अधिकारों के अन्तर्गत और विधि प्रक्रिया अपनाकर वीसी को हटाया है। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश पूर्व कुलपति प्रो. रमेश चन्द्र की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए दिए।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि न्याविक समीक्षा का दायर केवल निर्णय प्रक्रिया की वैधता की जांच तक सीमित होता है। मामले में संबंधित आदेश पारित करने का क्षेत्राधिकार एमएसबीयू अधिनियम की धारा 11ए के तहत चांसलर के पास था। वहीं मामले में राज्य सरकार से जरूरी परामर्श भी लिया गया था और जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद याचिकाकर्ता को सुनवाई का मौका देकर यह आदेश दिया गया है।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता को 8 मार्च, 2023 को तीन साल के लिए महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था। उसने अपने कार्यकाल के दौरान कुछ कॉलेजों की जांच करवा कर उनकी संबद्धता समाप्त करने की कार्रवाई की थी। वहीं बाद में इन कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने चांसलर से उसकी शिकायत की। इस पर चांसलर ने शिकायतों की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की। वहीं 28 मार्च, 2025 को याचिकाकर्ता को निलंबित कर दिया गया।
निलंबन से पूर्व नहीं दिया गया नोटिस
याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा गया कि उसे निलंबन से पूर्व कोई नोटिस बहीं दिया गया और ना ही सुबवाई का मौका मिला। यहां तक की निलंबन अवधि के दौरान वेतन-भत्तों का भी भुगतान नहीं किया गया। याचिका में कहा गया कि उसे जांच रिपोर्ट देकर जवाब के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया। महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमिता और पद के दुरुपयोग की शिकायत मिली थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया है।
पढ़ें ये खबरें
- पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा से पहले चेन स्नैचिंग, कलश यात्रा में आरोपियों ने महिलाओं को बनाया निशाना, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
- रायपुर में ‘सावन क्वींस 2026’ का हुआ भव्य आयोजन, ग्रीन कोड थीम पर मनमोहक प्रस्तुतियों से महिलाओं ने बिखेरा जलवा
- लखनऊ में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर खूनी हमला: चौकी प्रभारी समेत 3 कर्मचारी लहूलुहान, इलाके में तनाव
- मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में बड़ा हादसा: राइस मिल में मशीन की चपेट में आया मजदूर, हाथ-पैर कटे, घटना दबाने में जुटा प्रबंधन
- Sweety Patel Murder Case: 40 गवाह मुकरे, नहीं मिली लाश… PI देसाई को कैसे हुई उम्रकैद?


