Rajasthan News: रामगंजमंडी. राजस्थान के मुकंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए एक वर्ष के लंबे इंतजार के बाद अब मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से बाघ की शिफ्टिंग की जाएगी। वन विभाग ने नवंबर में इस प्रक्रिया को अंजाम देने की योजना बनाई हैं, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां और स्वीकृतियां पूरी हो चुकी है। इस कदम से न केवल रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में मुकंदरा टाइगर रिजर्व में एक बाघ, दो बाघिन और एक शावक है। इनमें से एक बाघ और बाघिन शावक के साथ खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं, जबकि एक बाघिन को 5 हेक्टेयर के सॉफ्ट एनक्लोजर में रखा गया है। इसके अलावा, 19 जून 2023 को रणथंभौर से बाघिन टी-84 की मादा शावक कनकटी (2507) को ट्रैंक्वलाइज कर मुकंदरा लाया गया था। इसे 21 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रखने के बाद हार्ड रिलीज किया गया। इस तरह, रिजर्व में अब कुल पांच बाघ-बाघिन है।
मुकंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों की कम संख्या के कारण पर्यटन को अपेक्षित बढ़ावा नहीं मिल सका। इसे देखते हुए पिछले वर्ष मध्यप्रदेश से बाघ लाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन स्वीकृतियों और बारिश के कारण शिफ्टिंग टलती रही। अब नवंबर में पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघ की शिफ्टिंग होगी, जिसके लिए सॉफ्ट एनक्लोजर तैयार किया जा रहा हैं। इसके बाद 2026 में रणथंभौर से एक और बाघ लाया जाएगा, जिससे रिजर्व में बाघ-बाघिन की संख्या सात हो जाएगी।
मुकंदरा में 2018 से बाघ-बाघिन की शिफ्टिंग शुरू हुई थी, लेकिन कुनबा नहीं बढ़ सका। 2022 में रणथंभौर से बाघ टी-110 और 2023 में बाघिन 2301 को लाया गया, जो अब एक शावक के साथ रिजर्व में जोड़ा बनाकर विचरण कर रही है। उपवन संरक्षक मुथू एस ने बताया कि शिफ्टिंग से रिजर्व की जैव-विविधता और पर्यटन को बल मिलेगा।
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