Rajasthan News: जयपुर के खो-नागोरियान इलाके में हुए दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिस फैक्ट्री में यह जोरदार धमाका हुआ, उसे कय्यूम और याकूब नाम के दो भाई पूरी तरह अवैध तरीके से चला रहे थे।

इसमें सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी कय्यूम कोई सीधा-साधा व्यापारी नहीं, बल्कि एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से बलात्कार और धोखाधड़ी समेत 6 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, कय्यूम का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड बेहद खौफनाक है। पुलिस फाइलों को खंगालने पर पता चला है कि उस पर पहला मुकदमा साल 1996 में जयपुर के मालवीय नगर थाने में मारपीट का दर्ज हुआ था।
- साल 1997: मालवीय नगर थाने में ही जानलेवा हमले (धारा 308) का केस दर्ज हुआ।
- साल 2002: दौसा के महुआ में आबकारी एक्ट के तहत पुलिस ने दबोचा।
- साल 2008: मालवीय नगर इलाके में ही जालसाजी और धोखाधड़ी का मुकदमा हुआ।
- साल 2013: ज्योतिनगर थाने में कय्यूम पर रेप का मामला भी दर्ज है।
- साल 2024: खो-नागोरियान थाने में फिर से मारपीट का मामला सामने आया।
पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई दोनों भाई जयपुर में एक-दो नहीं, बल्कि कुल 5 अवैध फैक्ट्रियों में मौत का सामान यानी पटाखे तैयार करवा रहे थे। इसके लिए अवैध बारूद चोरी-छिपे दिल्ली और तमिलनाडु से मंगवाया जा रहा था। इस पूरे खेल में दिल्ली का रहने वाला फिरोज नाम का शख्स भी शामिल है, जो इनके साथ मिलकर काम संभाल रहा था।
इस दर्दनाक हादसे में अब तक कुल 8 लोग जान गंवा चुके हैं, जिनके नाम समीर, आजिम, अब्दुल वहीद, रबिल, बिलाल और अशरफ हैं। हादसे के बाद से ही आरोपी कय्यूम, याकूब और फिरोज अपने मोबाइल बंद करके फरार हैं। खो-नागोरियान थाना पुलिस और बोगस ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन अब तक इनका कोई सुराग नहीं मिला है।
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