Rajasthan News: अजमेर स्थित राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में लंबे समय से चल रहा सन्नाटा अब खत्म होने वाला है। राज्य सरकार ने आखिरकार शिक्षाविद हनुमान सिंह राठौड़ को बोर्ड का नया स्थाई अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है।

तकरीबन चार साल तक बोर्ड बिना किसी स्थाई मुखिया के चल रहा था। आपको याद होगा, रीट पेपर लीक कांड के बाद तत्कालीन अध्यक्ष डीपी जारोली को जनवरी 2022 में हटा दिया गया था। तब से बोर्ड का कामकाज सिर्फ आईएएस अधिकारियों के भरोसे चल रहा था।

अब क्या बदलेगा?

पीसांगन के रहने वाले और संघ की पृष्ठभूमि रखने वाले राठौड़ के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। पिछले छह सालों से बोर्ड में शिक्षाविदों की वो टीम ही नहीं बनी जो नीतिगत फैसले लेती है। अब उम्मीद है कि काम में तेजी आएगी।

  • नवनियुक्त अध्यक्ष के सामने होंगे ये बड़ी जिम्मेदारियां
  • सत्र 2026-27 से दसवीं की दो परीक्षाओं को सही तरीके से लागू करना।
  • पुराने पड़ चुके पाठ्यक्रमों को आज की जरूरतों के हिसाब से अपडेट करना।
  • बोर्ड की वित्तीय हालत को मजबूत करना।
  • भविष्य में होने वाली रीट परीक्षाओं को दाग-मुक्त और पारदर्शी बनाना।

भारतीय संस्कृति के हिसाब से बनेगा सिलेबस

नवनियुक्त अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने पद संभालते ही अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जोर नई शिक्षा नीति को जमीन पर उतारने का है।

उन्होंने कहा हम भारतीय कला और संस्कृति को ध्यान में रखकर पाठ्यक्रम तैयार करेंगे। इसके लिए अकेले बोर्ड फैसला नहीं लेगा, बल्कि तमाम शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के साथ मंथन होगा।

बता दें कि अजमेर बोर्ड में यह बड़ी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में भी नई नियुक्तियों का दौर चल रहा है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने हाल ही में आरपीएससी में दो नए सदस्यों के रूप में प्रो. संतोष आनंद और डॉ. दीपक कुमार शर्मा की ताजपोशी की है।

कुल मिलाकर, शिक्षा विभाग अब एक्शन मोड में दिख रहा है। अब देखना ये है कि क्या राठौड़ के अनुभव से राजस्थान के लाखों छात्र-छात्राओं की परीक्षाओं का भविष्य सुरक्षित हो पाएगा? अजमेर के शिक्षा गलियारों में फिलहाल इसी बात की चर्चा है।

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