Rajasthan News: राजस्थान सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट बुधवार को विधानसभा में पेश करेगी। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी सुबह 11 बजे सदन में बजट भाषण देंगी। मंगलवार को बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप देते हुए फाइलें औपचारिक रूप से लॉक कर दी गईं।

उपमुख्यमंत्री कार्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गालरिया, शासन सचिव वित्त (व्यय) टीना सोनी, शासन सचिव वित्त (बजट) राजन विशाल, शासन सचिव वित्त (राजस्व) कुमारपाल गौतम और निदेशक वित्त (बजट) बृजेश किशोर शर्मा ने विभिन्न प्रावधानों और प्राथमिकताओं की समीक्षा की।
किन क्षेत्रों पर रहेगी नजर
सरकार विकसित राजस्थान @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार कर रही है। अलग-अलग वर्गों को इस बजट से राहत और नई घोषणाओं की उम्मीद है।
रोजगार और युवा
सरकारी भर्तियों के लिए वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम बढ़ाने और निजी निवेश को प्रोत्साहन देने की संभावना जताई जा रही है।
महिला व सामाजिक सुरक्षा
पेंशन योजनाओं में बढ़ोतरी, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और महिलाओं के स्वरोजगार कार्यक्रमों से जुड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
कृषि और ग्रामीण क्षेत्र
सिंचाई, पशुपालन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने तथा कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी का प्रावधान संभव है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर
सड़क, एक्सप्रेसवे, शहरी विकास परियोजनाओं, मेट्रो विस्तार और पेयजल योजनाओं के लिए बजट आवंटन बढ़ाने की उम्मीद है।
जल संरक्षण
पानी की कमी को देखते हुए जल संरक्षण परियोजनाओं और पर्यावरणीय कार्यक्रमों पर अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं।
आर्थिक संतुलन पर जोर
सरकार के सामने विकास योजनाओं के साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की चुनौती भी है। खर्चों में कटौती, जीएसटी संग्रह बढ़ाने और राजस्व के नए स्रोत विकसित करने पर जोर रह सकता है ताकि कर्ज पर निर्भरता कम हो।
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