Rajasthan News: रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघ के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार को पार्क के जोगी महल क्षेत्र में बाघ के हमले में वन रेंजर देवेंद्र चौधरी की दर्दनाक मौत हो गई। बीते एक महीने में यह दूसरी जानलेवा घटना है, जिसने वन विभाग और स्थानीय लोगों को चिंता में डाल दिया है।

ड्यूटी के दौरान हुआ हमला
सूत्रों के मुताबिक, वनकर्मी देवेंद्र चौधरी रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी पर थे, जब जोगी महल क्षेत्र में एक बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद अन्य वनकर्मियों ने तुरंत प्रयास कर उन्हें बाघ के चंगुल से छुड़ाया और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।
पहले भी हुई थी मासूम की मौत
इससे पहले 16 अप्रैल को रणथंभौर में ही बाघ के हमले में एक 7 वर्षीय बालक की मौत हो गई थी। बूंदी जिले के गोहटा गांव का यह बच्चा, अपने चाचा और दादी के साथ त्रिनेत्र गणेश मंदिर दर्शन के लिए आया था। लौटते समय जंगल में अचानक एक बाघ ने उस पर हमला कर दिया और उसे उठा कर जंगल की ओर ले गया। बाद में तलाश के दौरान वन विभाग को जंगल में बच्चे का शव मिला था।
बढ़ती घटनाओं से चिंता में प्रशासन
एक महीने के भीतर हुई दो मौतों ने रणथंभौर टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ अब पार्क क्षेत्र में बाघों की गतिविधियों की निगरानी, पर्यटकों और कर्मचारियों की सुरक्षा, तथा बफर जोन में मानवीय गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर कड़े कदम उठाने की सलाह दे रहे हैं।
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