Rajasthan News: जयपुर स्थित राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं में तेजी से तकनीकी उन्नति हो रही है। यहां पहले से ही रोबोटिक सर्जरी का उपयोग जनरल सर्जरी और यूरोलॉजी विभाग में हो रहा है। अब जल्द ही अस्थि रोग विभाग में भी रोबोट की मदद से हड्डियों से संबंधित सर्जरी की शुरुआत होगी।

घुटने और कुल्हे के प्रत्यारोपण के लिए नई तकनीक
एसएमएस के अस्थि रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद बंशीवाल ने बताया कि घुटने और कुल्हे के प्रत्यारोपण के मामलों में तेजी आई है। अस्पताल ने कंप्यूटर नेविगेशन तकनीक से जोड़ प्रत्यारोपण की शुरुआत की है और अब रोबोटिक सर्जरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे जटिल ऑपरेशन को सटीक और सरल बनाना संभव होगा।
सटीकता और बेहतर परिणाम
रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. मुकेश असवाल का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी से सटीकता में काफी बढ़ोतरी होती है। सर्जरी से पहले संभावित परिणामों का विश्लेषण करना और शरीर के उन हिस्सों तक पहुंचना आसान हो जाता है, जहां पारंपरिक तरीकों से मुश्किल होती थी।
100 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी
यूरोलॉजी विभाग में अब तक 100 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। दो रोबोटिक सिस्टम अस्पताल में करीब डेढ़ साल पहले 50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए गए। यह अस्पताल देश का दूसरा सरकारी चिकित्सा संस्थान है, जहां इतनी उन्नत तकनीक का उपयोग हो रहा है।
एसएमएस अस्पताल न केवल राजस्थान बल्कि देशभर में रोबोटिक सर्जरी में नए मानक स्थापित कर रहा है। नई तकनीक मरीजों को बेहतर और सटीक इलाज देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
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