Rajasthan News: उदयपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर भाजपा जिला मंत्री गजपाल सिंह राठौड़ से 1 लाख 11 हजार रुपये की मांग की। यह घटना समय पर पकड़ ली गई, जिससे कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ।

इस तरह हुआ मामला उजागर?
भाजपा जिला मंत्री गजपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि उनके मोबाइल पर जिला कलेक्टर की फोटो लगी एक आईडी से संदेश आया। संदेश में हालचाल पूछने के बाद उनसे उनका मोबाइल नंबर मांगा गया, जिसे उन्होंने साझा कर दिया। इसके बाद ठग ने खुद को कलेक्टर बताते हुए कहा कि उनका एक दोस्त, जो सीआरपीएफ में तैनात है, का हाल ही में ट्रांसफर हुआ है।
ठग ने दावा किया कि उनके दोस्त के घर पर अच्छी स्थिति में कुछ फर्नीचर पड़ा है, जिसे बेचने की जरूरत है। इसके लिए उसने 1 लाख 11 हजार रुपये की मांग की और फर्नीचर की तस्वीरें भी भेजीं।
ठगी से कैसे बचा गया?
संदेह होने पर गजपाल सिंह ने तुरंत जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल से संपर्क किया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उनके नाम से कोई सोशल मीडिया प्रोफाइल नहीं है और इस प्रकार का कोई संदेश उन्होंने नहीं भेजा है। इसके बाद गजपाल सिंह ने पुलिस और साइबर क्राइम विभाग को इस मामले की जानकारी दी गई।
वहीं साइबर एक्सपर्ट श्याम चंदेल ने बताया कि किसी भी व्यक्ति का सोशल मीडिया से फोटो लेकर फर्जी आईडी बनाने के कई मामले सामने आते हैं। इसलिए आपको सोशल मीडिया पर प्रोफाइल और फोटो पर हमेशा लॉक लगाकर रखेंं, ताकि ना तो कोई फोटो डाउनलोड कर सके और ना ही स्क्रीनशॉट ले सके। साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति की कभी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट ना करें।
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