Rajasthan News: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक, कालीबाई भील स्कूटी वितरण योजना और देवनारायण योजना के तहत मेधावी छात्राओं को दी जाने वाली सैकड़ों स्कूटियां कबाड़ बन चुकी हैं। साल 2021-22 में इन स्कूटियों को प्रतिभाशाली छात्राओं को वितरित किया जाना था, लेकिन चुनावी आचार संहिता और वित्त विभाग से जुड़े अड़चनों के कारण ये योजना अधर में लटक गई।

स्कूटियों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि खुले आसमान के नीचे खड़े-खड़े इन पर झाड़ियां उग आई हैं। बांसवाड़ा जिले के महाविद्यालय में 1500 स्कूटियों का ढेर लगा हुआ है, जिनकी कुल कीमत लगभग 13.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अब इन स्कूटियों का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा और सरकार का ध्यान भी इस ओर नहीं है।
आचार संहिता ने योजना पर डाला ब्रेक
आचार संहिता के दौरान वित्त विभाग द्वारा क्यूआर कोड जारी न किए जाने के कारण मेधावी छात्राओं को स्कूटी नहीं मिल सकीं। इस वजह से 65% और 75% से अधिक अंक लाने वाली छात्राओं के लिए घोषित स्कूटियां बांसवाड़ा के हरिदेव जोशी कन्या महाविद्यालय में खड़ी-खड़ी खराब हो रही हैं।
2023-24 के लिए फिर से शुरू हुआ आवेदन
इस बीच, 2023-24 के लिए स्कूटी योजना का आवेदन फिर से शुरू किया गया है और अब तक 1368 छात्राएं आवेदन कर चुकी हैं। हालांकि, पुरानी स्कूटियों का वितरण अभी भी अधर में है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद छात्राओं को स्कूटियां वितरित की जाएंगी।
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