Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने 9.39 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के चर्चित मामले में आरोपी अरुण जिंदल को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखते हुए केंद्र सरकार की जमानत रद्द करने की याचिका खारिज कर दी।

जस्टिस प्रवीण भटनागर की एकलपीठ ने साफ कहा कि जमानत देना या रद्द करना केवल रकम जमा कराने के आधार पर कोई मशीनी प्रक्रिया नहीं हो सकती। अदालत ने आरोपी के आचरण, हिरासत की अवधि, सह-आरोपियों की स्थिति और जमानत के दुरुपयोग की संभावना जैसे पहलुओं को अहम माना।
9.39 करोड़ की GST चोरी का आरोप
मामले के अनुसार, अरुण जिंदल पर 9.39 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी ने फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए 1.49 करोड़ किलोग्राम से अधिक लोहे के इंगट्स का अवैध व्यापार किया।
5 करोड़ से अधिक की चोरी, फिर भी जमानत
ट्रायल कोर्ट ने 11 मार्च 2025 को आरोपी को 5 करोड़ रुपये जमा कराने की शर्त पर जमानत दी थी। केंद्र सरकार ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि 5 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी गैर-जमानती अपराध है और इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। वहीं बचाव पक्ष ने कोर्ट में कहा कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। कानून के तहत इस अपराध में अधिकतम सजा 5 साल तक की है। साथ ही, इसी मामले में अन्य सह-आरोपियों को पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
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