Rajasthan News: राजस्थान के करौली में पांचना बांध के पानी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। किसान बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं और सरकार खामोश है। इस बीच, मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मामले में दखल की मांग की है।

4 हजार करोड़ का नुकसान, फिर भी पानी नहीं
किसानों का सब्र का बांध अब टूट रहा है। मंत्री किरोड़ी लाल के मुताबिक, 2006 से कमांड एरिया के खेतों तक पानी नहीं पहुंचा है। हालत यह है कि 40 हजार बीघा जमीन प्यासी पड़ी है। करीब 35 गांवों के 1.25 लाख लोग इसकी मार झेल रहे हैं।
किसान हर साल 200 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रहे हैं। अब तक का कुल घाटा 4 हजार करोड़ के पार निकल चुका है। हालात इतने खराब हैं कि लोग अपनी जमीन छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं।
कोर्ट के आदेश भी बेअसर?
मामला केवल पानी की कमी का नहीं, बल्कि सिस्टम की सुस्ती का भी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2022 को साफ निर्देश दिए थे कि नहरों में पानी छोड़ा जाए। इसके बाद 23 अप्रैल 2026 को भी कोर्ट ने आदेश दोहराए, लेकिन आज तक पाइप खाली हैं।
स्थानीय किसान और ग्रामोथान संस्था ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन सरकारी फाइलें आगे नहीं बढ़ीं। अब किरोड़ी लाल मीणा ने मोर्चा खोलते हुए सरकार को चेताया है कि अगर तुरंत पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन तेज हो सकता है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में पांचना संघर्ष समिति ने महापंचायत की तैयारी कर ली है।
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