Rajasthan News: राजस्थान के कोटा स्थित एमबीएस अस्पताल में एक 6 वर्षीय बच्चे शुभम का जीवन बचाने के लिए डॉक्टरों ने एक जटिल लेकिन त्वरित ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। शुभम, जो मध्य प्रदेश के शिवपुरी का निवासी है, ने खेलते समय गलती से घड़ी का सेल (बैटरी) निगल लिया था। यह सेल उसकी सांस की नली के माध्यम से फेफड़ों में फंस गया था। तीन दिनों तक फंसे इस सेल को दूरबीन की मदद से सिर्फ 2 मिनट में निकालकर डॉक्टरों ने उसकी जान बचाई।

3 दिनों तक फेफड़ों में फंसा रहा सेल
शुभम का मामला शुक्रवार को एमबीएस अस्पताल के ईएनटी विभाग में पहुंचा। डॉक्टरों ने बताया कि खेलते समय निगले गए घड़ी के सेल ने उसकी सांस की नली से होते हुए फेफड़ों में जगह बना ली थी। तीन दिन तक बच्चे ने सामान्य रूप से सांस लेने में कठिनाई का सामना किया। उसकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए माता-पिता ने उसे अस्पताल पहुंचाया। सीटी स्कैन के माध्यम से पता चला कि सेल दाहिने फेफड़े में फंसा हुआ है।
सिर्फ 2 मिनट में निकाला गया सेल
डॉक्टरों की टीम, जिसका नेतृत्व ईएनटी विभाग के एचओडी डॉ. शिव कुमार कर रहे थे, ने तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। उन्होंने दूरबीन की सहायता से मात्र 2 मिनट में बच्चे के फेफड़ों में फंसे सेल को निकाल दिया। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा, और शुभम अब खतरे से बाहर है।
जहर फैलने का था खतरा
डॉ. शिव कुमार ने बताया कि ऑपरेशन में देरी से बच्चे के फेफड़ों को गंभीर क्षति हो सकती थी। बैटरी जब किसी तरल पदार्थ, जैसे रक्त या पानी के संपर्क में आती है, तो रसायन का रिसाव शुरू हो जाता है, जिससे फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि यह बैटरी भोजन नली में फंस जाती, तो विषैले पदार्थों के कारण शरीर में जहर फैलने का जोखिम बढ़ जाता। इसलिए ऑपरेशन को तत्काल करना आवश्यक था।
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