Rajasthan News: चित्तौड़गढ़ के कपासन में एक डॉक्टर को बीमा घोटाला मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस डॉक्टर से पहले मृतक के बेटे नारायणलाल जाट को पहले ही हवालात की सैर करा चुकी है।

बता दें कि यह पूरा मामला करीब दो साल पुराना है। सूत्रों के मुताबिक, कपासन के रहने वाले एक बुजुर्ग को तड़के करीब 3 बजे अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद डॉक्टर सुग्रीव मीणा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा गया कि बुजुर्ग की मौत खेत में करंट लगने की वजह से हुई है।
इसी रिपोर्ट के आधार पर मृतक के बेटे नारायणलाल ने केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से दो करोड़ रुपये के क्लेम की मांग ठोक दी। इतनी बड़ी रकम का मामला होने के कारण बीमा कंपनी ने अपने स्तर पर इस मामले की अंदरूनी जांच शुरू कर दी।
जांच में सामने आया कि बुजुर्ग की मौत करंट लगने से नहीं, बल्कि टीबी की गंभीर बीमारी के कारण हुई थी। आरोपी डॉक्टर सुग्रीव मीणा सब कुछ जानते थे। इसके बावजूद डॉक्टर ने मृतक के बेटे के साथ मिलकर करंट लगने की फर्जी कागजी कहानी तैयार की। साल 2024 में कंपनी ने कपासन थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब मेडिकल रिपोर्ट और समय का मिलान किया, तो डॉक्टर का पूरा झूठ बेनकाब हो गया।
पुलिस के अनुसार डॉक्टर और मृतक के बेटे के बीच क्लेम की रकम को बांटने की डील हुई थी। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टर को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर ली है। इसी के साथ ही इस पूरे फर्जीवाड़े में मदद करने वाले अस्पताल के अन्य स्टाफ और दलालों के नेटवर्क की भी कुंडली खंगाली जा रही है।
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