Rajasthan News: चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर बुक करना एक राजनेता को तब भारी पड़ गया जब उड़ान में देरी हुई और वापसी समय से पहले कर दी गई। अब जिला उपभोक्ता आयोग ने इस मामले में कंपनी की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा हर्जाना लगा दिया है।

बता दें कि यह मामला साल 2019 का है, जब राधेश्याम मीणा नाम के एक व्यक्ति ने चुनाव प्रचार के लिए प्राइमो एविएशन ऑक्जीलरी सर्विस कंपनी से हेलीकॉप्टर बुक किया था। करार के मुताबिक, हेलीकॉप्टर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक, यानी पूरे 3 घंटे के लिए उपलब्ध रहना था। इसके लिए उन्होंने एडवांस के तौर पर 7 लाख 83 हजार 520 रुपये का भुगतान भी कर दिया था।
मैदानी स्तर पर स्थिति यह रही कि कंपनी की तरफ से भारी लापरवाही बरती गई। तय समय पर हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और वह करीब 9:50 बजे रवाना हुआ। इतनी देरी के बावजूद कंपनी ने अपना मुनाफा नहीं छोड़ा और तय समय से 10 मिनट पहले ही यानी 11:50 बजे वापसी कर ली। बता दें कि इस पूरी लेटलतीफी के कारण परिवादी को कुल 45 मिनट का कीमती समय कम मिला, जो चुनाव प्रचार के दौरान बहुत बड़ी बात होती है।
मामला जयपुर-तृतीय जिला उपभोक्ता आयोग के सामने पहुंचा। आयोग के अध्यक्ष देवेन्द्र मोहन माथुर और सदस्य पवन कुमार भारद्वाज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इसे ‘सेवा में भारी कमी’ माना। आयोग ने सख्त फैसला सुनाते हुए कंपनी को आदेश दिया कि वह कम मिले 45 मिनट के समय के एवज में 1 लाख 95 हजार 880 रुपये की राशि परिवादी को लौटाए।
इतना ही नहीं, इस राशि पर कंपनी को 9 फीसदी की दर से ब्याज भी देना होगा। साथ ही, उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के लिए कंपनी और उसके प्रबंध निदेशक पर 21 हजार रुपये का अतिरिक्त हर्जाना भी लगाया गया है।
जानकारों का कहना है कि यह फैसला उन कंपनियों के लिए एक कड़ा सबक है, जो महंगी सेवाएं देने के नाम पर ग्राहकों के समय और भरोसे की अनदेखी करती हैं। आयोग के इस आदेश ने साफ कर दिया है कि सेवा देने वाली कंपनियां अपने करार से पीछे नहीं हट सकतीं।
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