Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में सोमवार को विधायक मनीष यादव ने शाहपुरा में बंदरों के आतंक का मुद्दा उठाया। वन मंत्री और यूडीएच मंत्री ने इस संबंध में बोजना बनाने के लिए सभी विधायकों से सुझाव मांगे।

विधायक मनीष यादव ने सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से क्षेत्र सहित प्रदेश में बढ़ती बंदरों की समस्या को गंभीर मुद्दे के रूप में उठाया। इसके बाद कई विधायकों ने संपूर्ण क्षेत्रों में बंदरों के आतंक को लेकर चिंता जताई। बादव ने कहा कि शाहपुरा क्षेत्र के शहरी और अधिकांश ग्रामीण इलाकों में बंदरों का आतंक चरम पर है। आए दिन लोगों को काटने की घटनाओं से भय का वातावरण बना हुआ है। बंदरों के उत्पाती झुंड खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वर्ष 2025 में शाहपुरा क्षेत्र में लगभग 4200 लोगों को रेबीज के टीके लगाए गए, जिनमें 90 प्रतिशत मामले बंदरों के काटने से जुड़े हैं। उन्होंने यूडीएच मंत्री से विशेष टीम गठित कर प्रभावी धरपकड़ अभियान चलाने तथा बंदरों के वैज्ञानिक और स्थायी पुनर्वास के लिए राज्यव्यापी नीति बनाने की मांग की।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जवाब में बताया कि नगर परिषद शाहपुरा ने समय समय पर निविदाएं जारी कर अहिंसक पद्धति से लगभग चार से पांच हजार बंदरों को पकड़कर सरिस्का और ताल वृक्ष क्षेत्र के वनों में छोड़ा है। वर्तमान में भी अभिवान जारी है, जिससे संख्या में कमी आई है। खर्रा और वन मंत्री संजय शर्मा ने सदस्यों से सुझाव आमंत्रित करते हुए आश्वासन दिया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर शीघ्र ही व्यापक योजना बनाकर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
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