Rajasthan News: जोधपुर में ज्वेलरी का काम करने वाले दो कारीगरों ने 13 व्यापारियों से करोड़ों का माल लेकर चंपत हो गए। मामला सिर्फ धोखाधड़ी का नहीं, भरोसे की लूट का है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर जोधपुर लाया है। ये दोनों करीब 80 तोला सोना, 10 किलो चांदी और 28 लाख रुपये नकद लेकर फरार हुए थे।

कौन हैं आरोपी और कैसे की ठगी?
शेख शमीम बादशाह और उसका जुड़वा भाई शेख नसीम बादशाह पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के घोल ताजपुर गांव के रहने वाले हैं। 2022 से ये दोनों घोड़े का चौक स्थित गंगा सदन में दुकान लगाकर सोने-चांदी के आभूषण बनाने का काम कर रहे थे।
धीरे-धीरे इन्होंने ज्वेलर्स का विश्वास जीता और उनसे ऑर्डर के नाम पर माल और कैश लेना शुरू किया। इनका तरीका साफ था कम दाम में बढ़िया काम का वादा, और फिर रफूचक्कर।
6 अप्रैल को रातों-रात गायब
6 अप्रैल 2024 की रात दोनों भाई दुकान से 80 तोला सोना, 9+ किलो चांदी और 28 लाख रुपये कैश लेकर गायब हो गए। अगले ही दिन, 7 अप्रैल को व्यापारी प्रकाश सोनी समेत 13 लोगों ने थाने में रिपोर्ट दी।
थानाधिकारी माणकराम बिश्नोई ने बताया कि मामला दर्ज होते ही आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पहली बार पुलिस टीम बंगाल गई, लेकिन दोनों हाथ नहीं आए। आखिरकार 5 जुलाई को आरोपियों के सरेंडर की खबर मिली, और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने दोनों भाइयों को रविवार को अदालत में पेश कर एक सप्ताह का रिमांड लिया है। फिलहाल सोना-चांदी की बरामदगी की कोशिशें जारी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने कम दाम में ऑर्डर तैयार करने का लालच देकर, दुकानदारों से एक-एक कर माल इकट्ठा किया और मौका पाकर फरार हो गए।
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