Rajasthan News: जयपुर के विधानसभा सदन के 75 साल पूरे होने पर आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रम में आज सदन में जमकर ठहाके गूंजे। मंच पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे भाषण दे रहे थे। सामने कांग्रेस के दिग्गज नेता और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बैठे थे। तभी नाम के फेर में बात कुछ ऐसी घूमी कि पूरा हॉल मुस्कुरा उठा।

पहले CM के नाम पर उलझे विधायक

भाषण के दौरान राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अचानक सामने बैठे विधायकों से एक सवाल पूछ लिया। उन्होंने पूछा कि राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री कौन थे? इस पर सदन से अलग-अलग जवाब आने लगे। कुछ विधायकों ने हीरालाल शास्त्री का नाम चिल्लाया। कुछ लोगों ने टीकाराम पालीवाल का नाम लिया।

इस पर राज्यपाल ने साफ किया कि टीकाराम पालीवाल पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री थे। तभी दर्शक दीर्घा में बैठे एक विधायक ने मजे लेते हुए कहा कि अगले सीएम भी टीकाराम ही होंगे। उनका इशारा सामने बैठे टीकाराम जूली की तरफ था।

इनका नंबर कब आएगा, लगता नहीं!

विधायक की इस टिप्पणी पर राज्यपाल भी मूड में आ गए। उन्होंने तुरंत टीकाराम जूली की तरफ देखा और चुटकी लेते हुए कहा, टीकाराम यहां के मुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन आगे होंगे कि नहीं, मुझे नहीं मालूम। बात यहीं नहीं रुकी। राज्यपाल ने आगे कहा, इनसे पहले तो कई लोग लाइन में बैठे हैं, इनका नंबर क्या पता कब आएगा? लगता तो नहीं है। यह सुनते ही सदन में मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने लगे। खुद जूली भी मुस्कुरा रहे थे।

महाराष्ट्र का वो दिलचस्प किस्सा

माहौल को भांपते हुए राज्यपाल ने राजनीति के बदलते समीकरणों पर एक पुराना किस्सा भी सुना दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में परिस्थितियां कब बदल जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण दिया। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा मैंने महाराष्ट्र में प्रतिपक्ष के दो-दो नेताओं को इस्तीफा देकर सरकार में मंत्री बनते देखा है।

जब राज्यपाल ने यह बात कही, तो टीकाराम जूली ने तुरंत हंसते हुए ना में सिर हिला दिया। इस पर राज्यपाल ने बात संभालते हुए कहा कि वे राजस्थान की नहीं, महाराष्ट्र की बात कर रहे हैं। तभी पीछे से किसी ने आवाज लगाई कि जूली चाहें तो राजस्थान में भी ऐसा हो सकता है।

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