Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान के बीकानेर में नगर निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई। वार्ड नंबर 50 में चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।

आरोप है कि टिकट नहीं मिलने से नाराज मोहित अरोड़ा और उसके साथियों ने पहले मेघवाल को मिठाई खिलाई और फिर उन्हें ‘अंकल’ कहकर सीढ़ियों की तरफ बुलाया। इसके बाद टिकट चोर के नारे लगाते हुए उनके साथ हाथापाई की गई। घटना के बाद कांग्रेस ने मोहित अरोड़ा और उसके पिता दीपक अरोड़ा को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। पुलिस ने मामले में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

पहले मिठाई खिलाई, फिर टिकट चोर के नारे

घटना 2 सितंबर की बताई जा रही है। मदन गोपाल मेघवाल वार्ड 50 से कांग्रेस प्रत्याशी नवरत्न डांगा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान मोहित अरोड़ा और उसके साथियों ने मेघवाल का स्वागत किया और उन्हें मिठाई खिलाई। इसके बाद उन्हें अंकल कहकर सीढ़ियों की तरफ बुलाया गया। वहां अचानक ‘टिकट चोर-टिकट चोर’ के नारे लगाए गए और उनके साथ मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान मेघवाल के कपड़े तक फट गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

आरोपी बोला, टिकट कटी नहीं, चोरी हुई है

मारपीट के अगले दिन मोहित अरोड़ा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उसने दावा किया कि उसका पार्टी सिंबल ऊपर से आ चुका था, लेकिन बाद में उसे टिकट नहीं मिला। मोहित ने आरोप लगाया कि उसकी टिकट काटी नहीं गई, बल्कि चोरी की गई है। उसने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए दावा किया कि उसके पास इस मामले से जुड़ी कई फोन रिकॉर्डिंग हैं और वह उन्हें जल्द सार्वजनिक करेगा। ये आरोप फिलहाल आरोपी की ओर से लगाए गए दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस ने लिया तत्काल एक्शन

घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर संगठन महासचिव ललित तूनवाल ने दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

इस मामले में महिला कांग्रेस की बीकानेर शहर जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रदेश नेतृत्व ने उनकी कथित संलिप्तता की जांच के लिए दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह उजागर

बीकानेर की घटना ने राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के बीच कांग्रेस के अंदर चल रहे टिकट विवाद को सामने ला दिया है। एक तरफ पार्टी चुनावी मैदान में अपने प्रत्याशियों के साथ उतर रही है, वहीं दूसरी ओर टिकट वितरण को लेकर नाराजगी कुछ जगहों पर खुलकर सामने आ रही है।

वार्ड 50 में हुई घटना अब सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं है। आरोपी की ओर से टिकट वितरण में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं, जबकि पार्टी ने हमले के मामले में पिता-पुत्र के खिलाफ कार्रवाई की है।

अब इस मामले में पुलिस जांच और कांग्रेस की आंतरिक जांच से आगे की तस्वीर साफ होगी। फिलहाल बीकानेर में एक चुनावी टिकट को लेकर शुरू हुआ विवाद कांग्रेस के लिए बड़ा संगठनात्मक संकट बनकर सामने आया है।

कौन हैं मदन गोपाल मेघवाल?

मदन गोपाल मेघवाल 1994 में राजस्थान पुलिस सेवा में चयनित हुए थे। 2015 में उन्हें IPS के पद पर प्रमोशन मिला। CID में SP रहते हुए उन्होंने 2018 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।

राजनीति में आने के बाद कांग्रेस ने उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में बीकानेर से केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के खिलाफ उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, वह चुनाव हार गए थे। वर्तमान में वह बीकानेर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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