Rajasthan Nikay Chunav 2026 के पहले चरण में बुधवार को 162 निकायों में मतदान खत्म होते ही कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी। प्रत्याशियों की खरीद-फरोख्त की आशंका के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जिलाध्यक्षों, विधायकों, सांसदों और स्थानीय नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के प्रत्याशियों को एकजुट रखने के निर्देश दिए। इसके बाद कई जगहों से प्रत्याशियों को बसों के जरिए लग्जरी रिजॉर्ट में पहुंचाया गया। अब चुनाव परिणाम आने तक कई प्रत्याशी रिजॉर्ट में ही रहेंगे।

जहां बढ़त का भरोसा, वहीं सबसे ज्यादा सतर्कता

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक बाड़ाबंदी उन्हीं निकायों में की जा रही है, जहां पार्टी को अपनी स्थिति मजबूत होने और बोर्ड बनने का भरोसा है। जयपुर जिले की दूदू, फागी, बस्सी, कोटपूतली-बहरोड़ की विराटनगर, पावटा, शाहपुरा, मनोहरपुर, चौमूं, जोबनेर, सांभर और फुलेरा नगर के प्रत्याशियों को भी अलग-अलग जगहों पर रखा गया है। इसके अलावा बानसूर और सपोटरा की पालिकाओं के प्रत्याशियों की भी बाड़ाबंदी की गई है।

बारां जिले की अंता नगर पालिका में प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की जिम्मेदारी स्थानीय विधायक प्रमोद जैन भाया ने संभाली है। वहीं सांभर नगर पालिका के कांग्रेस के 25 प्रत्याशियों को बुधवार देर रात पुष्कर भेज दिया गया।

मोबाइल फोन पर भी पाबंदी

बाड़ाबंदी के दौरान प्रत्याशियों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह व्यवस्था उनकी लोकेशन गोपनीय रखने के लिए की गई है। कांग्रेस को आशंका है कि मोबाइल के जरिए विपक्षी दल प्रत्याशियों से संपर्क कर उन्हें प्रलोभन दे सकते हैं।

कोटपूतली-बहरोड़ के जिलाध्यक्ष और विराटनगर के पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर ने बताया कि पार्टी के निर्देश के बाद पावटा और विराटनगर नगर पालिका के कांग्रेस प्रत्याशियों की देर रात बाड़ाबंदी की गई। हालांकि, प्रत्याशियों को कहां रखा गया है, इसका खुलासा नहीं किया गया है।

दूदू-फागी में बोर्ड बनने का दावा

पूर्व मंत्री और दूदू से चार बार विधायक रहे बाबूलाल नागर ने कहा कि पार्टी से प्रत्याशियों को एकजुट रखने के निर्देश मिले थे। उन्होंने दावा किया कि दूदू और फागी दोनों नगर पालिकाओं में कांग्रेस का बोर्ड बनना तय है।

दरअसल, बुधवार को पहले चरण के मतदान के दौरान ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रत्याशियों की खरीद-फरोख्त की आशंका जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा निकाय चुनाव में खरीद-फरोख्त के जरिए बोर्ड बनाना चाहती है। डोटासरा ने कहा था कि पार्टी ने अपने नेताओं को अपने स्तर पर तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।

बागियों को भी साथ लाने की कोशिश

कांग्रेस ने केवल अपने अधिकृत प्रत्याशियों की ही निगरानी नहीं बढ़ाई है। पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों से भी स्थानीय स्तर पर संपर्क किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं की कोशिश है कि जरूरत पड़ने पर इन बागियों का समर्थन बोर्ड बनाने में लिया जा सके।

इसी वजह से निकाय चुनाव में कांग्रेस की ओर से बागी प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी नेताओं की नजर अब दूसरे चरण के मतदान पर भी है। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद प्रत्याशियों को बाड़ाबंदी में लेने के निर्देश दिए गए हैं।

नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस ने विधायकों, सांसदों, जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों को प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की अलग-अलग जिम्मेदारी दी है। सभी नेता अपने स्तर पर यह काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बागी प्रत्याशियों से भी संपर्क किया जा रहा है। अगर बोर्ड बनाने के लिए उनकी जरूरत महसूस होती है तो उन्हें भी साथ लिया जाएगा। चतुर्वेदी ने दावा किया कि अधिकांश निकायों में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित है और पार्टी के बोर्ड बनेंगे। उनके मुताबिक प्रत्याशियों की खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते पार्टी को यह कदम उठाना पड़ा है।

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