Rajasthan Nikay Chunav 2026: में डूंगरपुर नगर परिषद से बड़ी खबर सामने आई है। मतदान से पहले ही भाजपा की एक सीट लगभग तय हो गई है। मंगलवार देर रात तक चली नामांकन पत्रों की जांच में वार्ड नंबर 23 से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का आवेदन आपराधिक मामले दर्ज होने के कारण खारिज कर दिया गया। इसके बाद वार्ड में भाजपा प्रत्याशी मनन कलासुआ ही एकमात्र उम्मीदवार बचे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से निर्विरोध जीत की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

40 वार्डों में 196 नामांकन की जांच

डूंगरपुर नगर परिषद के सभी 40 वार्डों में दाखिल कुल 196 नामांकन पत्रों की मंगलवार देर रात तक स्क्रूटनी हुई। रिटर्निंग अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच के दौरान वार्ड 23 से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन रद्द कर दिया गया। उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने के कारण यह कार्रवाई की गई। पर्चा खारिज होने के बाद इस वार्ड में भाजपा के मनन कलासुआ अकेले प्रत्याशी रह गए हैं। मनन कलासुआ भाजपा के पूर्व एवं निवर्तमान सभापति अमृत कलासुआ के बेटे हैं। ऐसे में अब उनकी निर्विरोध जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, इसकी औपचारिक घोषणा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

88 नामांकन खारिज, 103 उम्मीदवार मैदान में

नामांकन पत्रों की जांच के बाद कुल 88 आवेदन खारिज किए गए। इनमें बड़ी संख्या भाजपा और कांग्रेस के उन डमी प्रत्याशियों की बताई गई है, जिन्हें आधिकारिक सिंबल यानी फार्म-बी नहीं मिला था। स्क्रूटनी के बाद 103 प्रत्याशियों के कुल 108 नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं। इनमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या, अनिल पटेल, रेखा श्रीमाल और भोपाल सिंह के दोहरे नामांकन भी शामिल हैं।

किस पार्टी के कितने उम्मीदवार?

  • भाजपा: 40 उम्मीदवार
  • कांग्रेस: 39 उम्मीदवार
  • भारत आदिवासी पार्टी: 12 उम्मीदवार
  • निर्दलीय: 12 उम्मीदवार

अब बागियों को मनाने की चुनौती

नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के सामने अपने बागी उम्मीदवारों को संभालने की चुनौती है। कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड नंबर 31 की है। यहां भाजपा के बागी सुनील जैन निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। भाजपा ने पूर्व उपसभापति सुदर्शन जैन को टिकट दिया है। इससे नाराज सुनील जैन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था, जो स्क्रूटनी में वैध पाया गया। इसके अलावा कई अन्य वार्डों में भी भाजपा और कांग्रेस के बागी उम्मीदवार मैदान में डटे हुए हैं। दोनों दलों के वरिष्ठ नेता अब इन्हें मनाने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। नामांकन वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। फिलहाल वार्ड 23 में कांग्रेस का पर्चा खारिज होने के बाद भाजपा ने मतदान से पहले ही एक सीट पर बढ़त बना ली है।

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