Rajasthan Paper Leak: SI भर्ती परीक्षा परीक्षा से पहले भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले नकल माफियाओं के खिलाफ जयपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। करीब एक साल से ज्यादा समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी राकेश कुमार रेवाड़ को आखिरकार शास्त्री नगर पुलिस की टीम ने दबोच लिया है। राकेश पर आरोप है कि उसने क्लर्क और पटवारी जैसी बड़ी भर्तियों में ब्लूटूथ के जरिए जमकर धांधली की थी।

ब्लूटूथ और माइक्रो डिवाइस का था मास्टरमाइंड
दरअसल, यह पूरा मामला 2 साल पुराना है। मार्च 2023 में हुई क्लर्क ग्रेड-II भर्ती परीक्षा के दौरान राकेश सांगानेर के एक सेंटर में ब्लूटूथ-सक्षम माइक्रो डिवाइस के साथ पकड़ा गया था। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, राकेश अकेला नहीं था, इसका पूरा एक सिंडिकेट है। मुख्य सरगना ईश्वर कैलाश मोटी रकम लेकर उम्मीदवारों को ब्लूटूथ बांटता था और परीक्षा के दौरान मोबाइल से उत्तर बोलता था। इस गिरोह में रामलाल कैलाश नाम का एक और शातिर भी शामिल था।
पति-पत्नी दोनों निकले नकल गिरोह के खिलाड़ी
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि राकेश की पत्नी चंद्रकला रेवाड़ भी इसी धंधे में शामिल थी। गौरतलब है कि 19 अक्टूबर 2024 को उसे भी वीडीओ/आरओ भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अब पति-पत्नी दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं।
पटवारी भर्ती में भी की थी सेटिंग
एडिशनल डीजी विशाल बली ने बताया कि राकेश सिर्फ क्लर्क भर्ती तक सीमित नहीं था, बल्कि पटवारी भर्ती परीक्षा-2023 में भी उसने यही खेल खेला था। आरोपी के खिलाफ धारा 420, 467 और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज है। इस धांधली की वजह से राज्य सरकार को परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। पुलिस अब ईश्वर कैलाश और रामलाल की तलाश में दबिश दे रही है।
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