PM SHRI Schools Reality Check: राजस्थान के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत परखने के लिए मुख्य सचिव (CS) वी. श्रीनिवास बुधवार को अचानक शिक्षा संकुल पहुंचे। पीएम श्री (PM SHRI) स्कूलों के फील्ड वेरिफिकेशन की रिपोर्ट देखते ही मुख्य सचिव के तेवर कड़े हो गए। हालांकि रिपोर्ट में बुनियादी सुविधाएं तो दिखीं, लेकिन साइंस और कंप्यूटर लैब की बदहाली ने अधिकारियों की टेंशन बढ़ा दी है। सीएस ने दो टूक कहा है कि अब स्कूलों में लर्निंग आउटकम सुधारने के लिए नया प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन प्लान (PIP) लागू किया जाएगा।

500 स्कूलों के दौरे में खुला सुविधाओं का कच्चा चिट्ठा

राज्य के 649 PM SHRI स्कूलों में से 500 का हालिया फील्ड विजिट किया गया था। मुख्य सचिव ने बताया कि भले ही कागजों में सुविधाएं दिख रही हों, लेकिन धरातल पर स्थिति एक समान नहीं है। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति चिंताजनक है:

  • 95.9% स्कूलों में इंटरनेट तो है, लेकिन 35.7% स्कूलों में ICT (कंप्यूटर) लैब ही गायब है।
  • साइंस लैब की स्थिति और भी खराब है, केवल 44.4% स्कूलों में ही लैब पूरी तरह काम कर रही हैं।
  • सिर्फ 8.5% स्कूलों में ही अटल टिंकरिंग लैब की सुविधा मिल पा रही है।
  • अच्छी बात यह है कि 98.3% स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय और 95.7% में बालवाटिका मौजूद है।

अधिकारियों की लगी क्लास, रिक्त पदों के लिए बना रोजगार कैलेंडर

मुख्य सचिव ने रिव्यु मीटिंग के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खाली पदों को भरने के लिए इस साल के रोजगार कैलेंडर में विशेष प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 23 प्रमुख बिंदुओं पर काम करना अनिवार्य है। इसके लिए मुख्यमंत्री स्तर पर भी चर्चा हो चुकी है। अब विद्या समीक्षा केंद्र के जरिए हर महीने स्कूलों की प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

टॉप स्कूल बनेंगे मॉडल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सिखाएंगे बेस्ट प्रैक्टिस

सीएस ने शिक्षा विभाग को एक अनोखा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि जो स्कूल बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें अन्य स्कूलों के लिए मॉडल बनाया जाए। इसके लिए 10-10 स्कूलों के ग्रुप बनाए जाएंगे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टॉप परफॉर्मिंग स्कूल अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे पिछड़ रहे स्कूलों को सुधार करने में मदद मिलेगी।

जर्जर स्कूलों के लिए बजट का पिटारा खुला

प्रदेश के 64 हजार से ज्यादा स्कूलों में से सिर्फ 15% में कंप्यूटर लैब होना एक बड़ी चुनौती है। मुख्य सचिव ने बताया कि इसके लिए बड़े स्तर पर प्रोक्योरमेंट प्लान तैयार हो रहा है। वहीं, हाई कोर्ट की मॉनिटरिंग और स्कूलों की जर्जर हालत को देखते हुए राज्य सरकार ने इस साल अधिकतम बजट जारी किया है। लक्ष्य है कि अगले 3-4 वर्षों में प्रदेश के सभी जर्जर स्कूलों का कायाकल्प कर दिया जाए।

पढ़ें ये खबरें