Rajasthan News: बता दें कि राजस्थान की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में सीएम ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि प्रदेश में अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति चलेगी। दरअसल, सीएम ने साफ कर दिया है कि पुलिसिंग में अब किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
ग्राउंड सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे को सख्त हिदायत दी है कि थानों में आने वाली हर एफआईआर (FIR) का निपटारा तय समय के भीतर होना चाहिए। गौरतलब है कि अब केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि अगर जांच में देरी हुई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उन पर एक्शन लिया जाएगा।
पुलिस के लिए सीएम का नया प्लान-सक्सेस
अब हर जिले में स्थानीय स्तर पर रोजाना जनसुनवाई होगी और उसकी रिपोर्ट सीधे ऊपर भेजी जाएगी। एसपी (SP) को थानों का और आईजी (IG) को एसपी ऑफिस का नियमित निरीक्षण करना होगा। साइबर ठगी के शिकार हुए लोगों से पुलिस खुद संवाद करेगी और इसकी डेली मॉनिटरिंग होगी। भारतीय न्याय संहिता के नए नियमों को समझने के लिए पुलिसकर्मियों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी।
तस्करी और गैंगस्टर्स का होगा सफाया
सूत्रों ने बताया कि बॉर्डर वाले इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाए। बता दें कि अब कम्युनिटी पुलिसिंग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी ताकि सुरक्षा का घेरा और मजबूत हो सके।
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