Rajasthan Politics: राजस्थान की सियासत एकबार फिर उफान है. बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की टिप्पणी पर कड़ा जवाब देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना ठीक नहीं है. राठौड़ के मुताबिक कांग्रेस को यह छोड़कर आगामी विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में हुए विकास कार्यों पर चर्चा करनी चाहिए.

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने दो साल में राज्य की बुनियादी ढांचा व्यवस्था को मजबूत किया है, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस काम हुआ है और ईआरसीपी के साथ यमुना जल समझौते को आगे बढ़ाने में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है. राठौड़ का कहना है कि जनता सरकार के साथ खड़ी है.
इतना ही नहीं उन्होंने जूली और गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों नेता खुद को जमीन से जुड़ा बताते हैं, और यह बात इस अर्थ में सही भी है कि कांग्रेस सरकार के समय इन दोनों के क्षेत्रों में जमीन से जुड़े बड़े घोटाले हुए हैं. उनका आरोप है कि अलवर के थानागाजी में दो हजार एकड़ जमीन का अवैध आवंटन हुआ था और जब इस फैसले को रद्द किया गया तो संबंधित कलक्टर का तुरंत तबादला कर दिया गया. इसी तरह, डोटासरा के इलाके में नेक्सा ग्रीन कंपनी के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला कांग्रेस शासनकाल में सामने आया.
कांग्रेस की ओर से लगाए गए गुटबाजी के आरोपों पर भी राठौड़ ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि यह वही पार्टी है जहां अशोक गहलोत और सचिन पायलट अपने-अपने गुटों के विधायकों के साथ दिनों तक होटल में अलग-अलग डेरा डाले रहे. राठौड़ का दावा है कि बीजेपी में हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के साथ खड़ा है और यहां साधारण कार्यकर्ता को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है.
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