Rajasthan News: राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की तारीखें करीब आते ही जयपुर से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा सातवें आसमान पर है. नेताओं के बीच टिकट पाने की होड़ मची है, लेकिन पार्टियों ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. इस बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं. जयपुर के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट है कि आज शाम तक नामों पर मुहर लग सकती है.

राजस्थान के चेहरों पर ही दांव खेलेगी बीजेपी?

मदन राठौड़ ने साफ कर दिया है कि इस बार बाहर के किसी नेता को मौका नहीं मिलेगा. दोनों सीटों पर सिर्फ राजस्थान के स्थानीय चेहरों को ही मैदान में उतारा जाएगा. सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दोनों डिप्टी सीएम और बड़े नेता 8 जून को शुभ मुहूर्त देखकर खुद उम्मीदवारों का पर्चा दाखिल कराने विधानसभा पहुंचेंगे.

विधानसभा की सीटों का पूरा गुणा-भाग

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं. एक सीट पर जीत पक्की करने के लिए 51 विधायकों के वोटों की जरूरत है.

  • बीजेपी (BJP): 118 विधायक (2 सीटें पक्की)
  • कांग्रेस (CONG): 67 विधायक (1 सीट पक्की)
  • बीएपी (BAP): 04 विधायक
  • बसपा (BSP): 02 विधायक
  • रालोद (RLD): 01 विधायक
  • निर्दलीय: 08 विधायक

तीसरी सीट के लिए किसी भी एक पार्टी के पास पूरे नंबर नहीं हैं. यही वजह है कि बीजेपी ने किसी तीसरे उम्मीदवार को उतारने या निर्दलीयों के भरोसे दांव खेलने से पूरी तरह मना कर दिया है.

इन बड़े नामों पर चल रहा है मंथन

बीजेपी के अंदर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का नाम सबसे आगे चल रहा है. महिला चेहरों में अलका गुर्जर और अर्चना मीणा के नामों पर भी दिल्ली में बात चल रही है. गुर्जर समाज को साधने के लिए विजय बैंसला या सुनीता बैंसला के नाम की भी चर्चा है.

दूसरी तरफ कांग्रेस सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर काम कर रही है. जाट, राजपूत और दलित चेहरों को पहले ही बड़े पद मिल चुके हैं, इसलिए कांग्रेस किसी ब्राह्मण, आदिवासी या अल्पसंख्यक चेहरे को मौका दे सकती है. रेस में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है.

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