Rajasthan Rajya Sabha Elections: राजस्थान से राज्यसभा जाने वाले नेताओं की तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। मंगलवार को जयपुर विधानसभा परिसर में रिटर्निंग ऑफिसर भारत भूषण शर्मा ने जब नामांकन पत्रों की जांच की, तो मैदान में मौजूद सभी 9 पर्चे बिल्कुल सही पाए गए। इसी के साथ ही अब यह साफ हो गया है कि राजस्थान की तीनों सीटों पर किसी भी तरह का मुकाबला नहीं होगा।

तीन सीटों के लिए सिर्फ तीन ही उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। ऐसे में वोटिंग की नौबत ही नहीं आएगी। 11 जून को नाम वापसी का समय खत्म होते ही तीनों नेताओं को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया जाएगा।

सतीश पूनिया और अलका गुर्जर की राह साफ

बीजेपी ने इस बार राज्यसभा चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग का जबरदस्त दांव खेला है। पार्टी ने अपने कोटे की दो सीटों के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जाट नेता डॉ. सतीश पूनिया के साथ ही राष्ट्रीय सचिव अलका सिंह गुर्जर को मैदान में उतारा था।

इस चुनाव में दोनों ही प्रमुख दलों ने जातिगत समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की है। भाजपा ने अपनी दो सीटों पर सोशल इंजीनियरिंग का बड़ा दांव खेला है।

  • डॉ. सतीश पूनिया: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के बड़े जाट नेता हैं।
  • अलका सिंह गुर्जर: भाजपा की राष्ट्रीय सचिव और गुर्जर समाज का बड़ा चेहरा हैं।

कांग्रेस ने फिर खेला डांगी पर दांव

दूसरी तरफ, विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने मौजूदा राज्यसभा सांसद नीरज डांगी को दोबारा मौका दिया है। दलित समाज से आने वाले नीरज डांगी पर गांधी परिवार ने एक बार फिर पूरा भरोसा जताया है। संख्या बल के आधार पर कांग्रेस के पास एक सीट जीतने के लिए पूरे विधायक मौजूद हैं। डांगी के तीन सेटों में दाखिल सभी नामांकन पत्र जांच में पास हो गए हैं।

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