Rajasthan Wedding Destination: राजस्थान लंबे समय से शाही शादियों के लिए दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखता है। जयपुर, उदयपुर और जोधपुर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Wedding Destination के रूप में प्रसिद्ध हैं। अब राज्य सरकार इस पहचान का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान के अन्य पर्यटन स्थलों को भी विवाह समारोहों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राज्य को केवल कुछ महीनों का नहीं, बल्कि पूरे वर्ष Wedding Tourism का प्रमुख केंद्र बनाया जाना चाहिए। इससे पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

इन 5 नए शहरों को मिलेगा बढ़ावा

जयपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय विवाह एवं पर्यटन सम्मेलन (IWTC) को संबोधित करते हुए दिया कुमारी ने कहा कि अब जैसलमेर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, पुष्कर और भरतपुर जैसे पर्यटन स्थलों को भी Wedding Destination के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र की अपनी अलग पहचान है। जैसलमेर का रेगिस्तान शाही और डेजर्ट वेडिंग के लिए उपयुक्त है। शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियां विरासत आधारित विवाह समारोहों के लिए आकर्षक हैं। वहीं बांसवाड़ा और डूंगरपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं। भरतपुर वन्यजीव पर्यटन के कारण अलग अनुभव देता है। पुष्कर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के कारण विशेष महत्व रखता है।

पूरे साल Wedding Tourism बढ़ाने पर जोर

दिया कुमारी ने कहा कि वर्तमान में जयपुर, उदयपुर और जोधपुर विश्वभर के दूल्हा-दुल्हन की पसंद बने हुए हैं। हालांकि, राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों को भी इस पहचान से जोड़ना जरूरी है। इससे राजस्थान में सालभर विवाह समारोह आयोजित किए जा सकेंगे और पर्यटन गतिविधियों में निरंतर वृद्धि होगी।

रोजगार और स्थानीय कारोबार को मिलेगा लाभ

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि Wedding Tourism का विस्तार केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा। इससे होटल उद्योग, परिवहन, स्थानीय कारीगरों, सजावट, खानपान और कार्यक्रम आयोजन से जुड़े हजारों लोगों को नए रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

IWTC का उद्देश्य क्या है?

आईडब्ल्यूटीसी के निदेशक अरशद हुसैन ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य भारत और दुनिया के पर्यटन बोर्ड, होटल उद्योग, विवाह आयोजकों और इवेंट प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है। यहां वैश्विक साझेदारी, नए निवेश और कारोबार के अवसरों पर चर्चा की जाती है।

आंध्र प्रदेश ने भी जताई साझेदारी

आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कुंडला दुर्गेश ने कहा कि उनका राज्य आईडब्ल्यूटीसी का आधिकारिक भागीदार बनकर गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश अपने समुद्री तटों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहर को विवाह पर्यटन से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे सम्मेलन राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने और पर्यटन उद्योग को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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