वीरेंद्र कुमार/ नालंदा/राजगीर। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक राजगीर मलमास मेले में एक घटना सामने आई है। मेले में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आए जमुई जिले के एक व्यक्ति का शव 14 दिनों बाद पुरानी जापानी मंदिर के समीप बरामद किया गया है। इस घटना ने पूरे मेला क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान जमुई जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के मड़ैया गांव निवासी स्वर्गीय बनारसी राम के 55 वर्षीय पुत्र राजदेव राम के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार राजदेव राम 8 जून को घर से राजगीर मलमास मेले में शामिल होने के लिए निकले थे। परिजनों से उनकी आखिरी बातचीत 13 जून को फोन पर हुई थी जिसके बाद उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार वाले चिंतित थे।
शव मिलने से मचा हड़कंप
सोमवार को राजगीर थाना क्षेत्र स्थित पुरानी जापानी मंदिर के पास स्थानीय लोगों ने एक शव पड़ा देखा और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। मृतक के कपड़ों की तलाशी के दौरान उनकी जेब से पहचान पत्र मिला जिससे उनकी शिनाख्त राजदेव राम के रूप में हुई। पुलिस ने तुरंत उनके परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दी।
मानसिक रूप से अस्वस्थ थे मृतक
मृतक के बेटे उत्तम कुमार ने बताया कि उनके पिता कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान थे। वे पहले भी बिना बताए कई बार धार्मिक स्थलों की यात्रा पर निकल जाते थे, लेकिन इस बार वे कभी वापस नहीं लौट सके। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस की जांच जारी
राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मेला क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी के दावों के बीच इस तरह की घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

