Rajthal Village Drug Free Campaign : हांसी। हांसी जिले के राजथल गांव में नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने सामूहिक स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। गांव में नशीले पदार्थों की संभावित सप्लाई को रोकने के लिए ग्रामीण करीब एक महीने से दिन-रात ठीकरी पहरा दे रहे हैं। गांव की सीमाओं और बाहर निकलने वाले रास्तों पर ग्रामीणों की निगरानी लगातार जारी है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बाहर से आने वाले संदिग्ध लोगों और नशे की सप्लाई से जुड़े लोगों पर नजर रखी जा रही है। उनका कहना है कि पहले दूसरे इलाकों से लोग नशा खरीदने के लिए गांव तक पहुंचते थे, जिससे गांव के युवाओं पर भी इसका असर पड़ रहा था। इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने मिलकर निगरानी व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया।
गांव में अब नशा बेचने वालों के खिलाफ आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से तय किया है कि यदि कोई व्यक्ति गांव में नशा बेचते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखने और गांव में नशीले पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।
ग्रामीणों का दावा है कि गांव में चिट्टा, स्मैक और गांजा समेत अलग-अलग तरह के नशीले पदार्थों की सप्लाई की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका यह भी कहना है कि हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से कुछ लोग नशा खरीदने के लिए यहां आते थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 30 दिनों से चल रहे ठीकरी पहरे का असर भी दिखाई दे रहा है। उनका दावा है कि निगरानी शुरू होने के बाद गांव में नशे की सप्लाई में करीब 80 से 90 प्रतिशत तक कमी आई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव को पूरी तरह नशामुक्त करने का लक्ष्य हासिल नहीं होता, तब तक पहरा इसी तरह जारी रखा जाएगा।
राजथल के ग्रामीणों ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ यह अभियान किसी एक व्यक्ति या परिवार का नहीं, बल्कि पूरे गांव का सामूहिक प्रयास है। ग्रामीणों का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए आगे भी गांव स्तर पर निगरानी और जरूरी सामूहिक कदम जारी रखे जाएंगे।
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