अयोध्या. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर रोज नए नए खुलासे सामने आ रहे हैं. इस बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. इसी बीच परमहंस आचार्य ने दावा किया है कि इस प्रकरण के मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच 980 बार बातचीत हुई थी. उन्होंने कहा कि कॉल डिटेल्स से यह जानकारी सामने आई है.
रविवार को राम कचहरी मंदिर में आयोजित संतों की बैठक के बाद परमहंस आचार्य का आरोप है कि जिस दिन अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर ट्वीट किया था, उसी दिन उनकी टिन्नू यादव से तीन बार बातचीत हुई थी. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है और मामले की गहन जांच की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, “टिन्नू यादव, अखिलेश यादव के कहने पर यह घपला कर रहे थे. अखिलेश यादव उन्हें दिशा-निर्देश देते रहे और टिन्नू यादव काम करते रहे. कॉल डिटेल्स में दोनों के बीच 980 बार बातचीत होने की जानकारी मिली है.”
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हालांकि, परमहंस आचार्य के इन दावों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है. न तो जांच एजेंसियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा की गई है.
संत समाज की बैठक के दौरान परमहंस आचार्य ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की.

