अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को चल रही महत्वपूर्ण बैठक के बीच महंत नृत्यगोपाल दास का एक हस्तलिखित पत्र सामने आने से चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. पत्र में रामलला के मंदिर से जुड़े कथित दान चोरी प्रकरण पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है. पत्र में महंत नृत्यगोपाल दास ने लिखा है कि रामलला सरकार जी के मंदिर में हुई दान चोरी से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है. उन्होंने इसे गंभीर पाप बताते हुए दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ‘जो इस पाप से जुड़ा है, उसे सजा जरूर दिलाएंगे’.

पत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया गया है. महंत ने लिखा है कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है और इस प्रकरण में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए. उन्होंने अपने पत्र में यह भी अपील की है कि कोई भी व्यक्ति इस मुद्दे पर निजी राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास न करे. उनके अनुसार, यह विषय पूरी तरह श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की गरिमा से जुड़ा हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.
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बता दें कि राम मंदिर प्रकरण में आए दिन नई-नई बातें सामने आ रही हैं. रविवार को ही मंदिर से करीब साढ़े आठ सौ ग्राम सोने के पन्नों वाली रामचरितमानस के गायब होने की खबर आई है. इसे दान देने वाले पूर्व गृह सचिव एस लक्ष्मीनारायण के मुताबिक 8 अप्रैल 2024 को हमने सोने के पन्नों वाली रामचरितमानस का दान किया था, लेकिन मांगने के बावजूद इसकी कोई रसीद ट्रस्ट की ओर से नहीं दी गई. क्ष्मीनारायण और उनकी पत्नी सरस्वती ने राम मंदिर ट्रस्ट को सोने की परत चढ़ी रामचरितमानस दान की थी. ये पांडुलिपि सोने, चांदी और तांबे से बनी है. जिसका वजन करीब 147 किलोग्राम है. इसमें सोने की परत चढ़े 522 पन्ने हैं, जिन पर गोस्वामी तुलसीदास जी की रामचरितमानस के सभी 10,902 श्लोक अंकित हैं.

