कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को अगले विधानसभा चुनाव से पहले गांव-गांव तक ले जाने के लिए अभियान चलाने की बात कही है. पार्टी नेताओं ने एसआईटी जांच और वंदे मातरम को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए.

सतीश सिंह, लखनऊ. प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को अभियान के जरिये गांव-गांव तक पहुंचाएगी. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी यूपी के गांव-गांव में ‘जो न हुआ राम का, वह क्या होगा आपका’ अभियान चलाएगी. अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि जिन लोगों ने राम को नहीं छोड़ा, उन्हें वोट न दें.

कांग्रेस ने उठाए सवाल

गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि हर अच्छे काम का श्रेय जब पीएम नरेंद्र मोदी खुद लेते हैं, लेकिन राम मंदिर के मसले पर न तो पीएम बोल रहे हैं और न ही गृहमंत्री अमित शाह.

उन्होंने कहा कि यह भाजपा के लोग राम के भी नहीं हुए तो आपके क्या होंगे? आस्था के नाम पर इन्होंने लोगों के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया है.

केवल यूपी का मुद्दा नहीं

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए केवल यूपी ही नहीं, देश और विदेश से चढ़ावा आया. ऐसे में इसे केवल यूपी का मुद्दा कहना गलत होगा. उन्होंने कहा कि यह देशव्यापी मुद्दा है और कांग्रेस पार्टी लगातार इस मुद्दे को लेकर आवाज मुखर करती रहेगी.

उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ये दोनों जिम्मेदार हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ छोटे कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया, यह सही नहीं है.

एसआईटी जांच पर सवाल

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि एसआईटी के प्रमुख की जिम्मेदारी जिस आईएएस अधिकारी को दी गई, वह वही अधिकारी है जिसकी वजह से प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ हुई थी और तमाम लोगों की जान चली गई थी.

उन्होंने कहा कि एसआईटी के प्रमुख की जिम्मेदारी इसीलिए सरकार ने इस अधिकारी को दी, जिससे अपने लोगों को बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि इसमें आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद सब शामिल हैं.

वंदे मातरम पर बयान

वंदे मातरम गीत पर मचे बवाल को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि वर्ष 1937 से कांग्रेस पार्टी अपने हर अधिवेशन में वंदे मातरम का गान करती रही है. हमेशा से ही दो छंद पढ़े जाते रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अब भले ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कानून बनाकर पूरा वंदे मातरम गीत पढ़ने को अनिवार्य किया हो, लेकिन कांग्रेस पार्टी दो छंद ही पढ़ेगी, जो शुरू से पढ़ती आई है.

उन्होंने कहा कि आरएसएस ने अपने पथ संचलन में कभी वंदे मातरम गीत का गान कराया है. आरएसएस तो अपना ही गान करता है.