मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. मणिराम दास छावनी स्थित धर्म मंडपम में गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में सैकड़ों संतों की अहम बैठक हुई. बैठक में राम मंदिर में चढ़ावे की अनियमितता, श्रद्धालुओं की आस्था, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और पूजा व्यवस्था को लेकर विस्तार से मंथन किया गया. बैठक के बाद संत समाज ने एकजुट होकर कहा कि कुछ व्यक्तियों की गलती के कारण पूरे राम मंदिर, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट और संत समाज को बदनाम करना उचित नहीं है.

संतों ने अयोध्या के पांच प्रमुख संतों को रामलला की पूजा-अर्चना और धार्मिक व्यवस्थाओं से जुड़ी 9 सदस्यीय धर्म समिति में शामिल करने के फैसले का स्वागत किया. विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा ने कहा कि संत समाज को ट्रस्ट के पदाधिकारियों की ईमानदारी और निष्पक्षता पर पूरा विश्वास है. वहीं महंत राजकुमार दास ने कहा कि आरोपी जेल में हैं और मामले की SIT जांच चल रही है, इसलिए बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए.

इसे भी पढ़ें : हर सनातनी की श्वास-श्वास में बसते हैं प्रभु श्रीराम, ‘जय श्रीराम’ हमारा सनातन संस्कार का संबोधन : सीएम योगी

संत समाज ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन रामलला की सेवा में समर्पित किया है और पूरा संत समाज उनके साथ खड़ा है. महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने बताया कि नवनिर्मित नौ सदस्यीय धार्मिक समिति रामानंदी परंपरा के अनुसार पूजा-पद्धति और श्रद्धालुओं की सुविधा को सुनिश्चित करेगी.अंत में संत समाज ने सभी रामभक्तों से अफवाहों और दुष्प्रचार से दूर रहकर श्रीराम में आस्था बनाए रखने और SIT की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करने की अपील की.