कुंदन कुमार/पटना। केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रामकृपाल यादव ने पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान बिहार की कानून-व्यवस्था और समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने राज्य में एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि बिहार में अब जंगलराज के दिन लद चुके हैं।
विपक्ष का काम केवल शोर मचाना
रामकृपाल यादव ने विपक्ष द्वारा कानून-व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों को पूरी तरह निराधार करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष आज जिन बातों का जिक्र कर रहा है वह असल में उनके अपने शासनकाल की हकीकत थी। मंत्री ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में बिहार की कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि राज्य में जो भी कानून हाथ में लेगा या अपराध करेगा उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्व जेल की सलाखों के पीछे होंगे और यह प्रक्रिया धरातल पर दिखाई भी दे रही है।
भरत तिवारी मामला: भाजपा ने खुद को किया अलग
पार्टी नेता नागमणि कुशवाहा द्वारा भरत तिवारी मामले पर दिए गए बयान के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर रामकृपाल यादव ने भाजपा का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि नागमणि कुशवाहा का यह व्यक्तिगत विचार हो सकता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का इस बयान से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भरत तिवारी मामले की न्यायिक जांच चल रही है और कानून अपना काम कर रहा है। जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलेगी।
राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी पर कड़ा रुख
राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है और इस पर सरकार बेहद गंभीर है। उन्होंने जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। अब तक कई लोग इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं और लगातार कार्रवाई का दौर जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था के केंद्रों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में उन्होंने कहा कि बिहार विकास की ओर अग्रसर है और सरकार का पूरा ध्यान प्रदेश की प्रगति तथा आम जनता की सुरक्षा पर केंद्रित है। विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का विकास पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

