रामपुर. उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है. जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) का आदेश जारी किया है. इस कार्रवाई के बाद गुरुवार को आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचीं और परिसर में पुलिस की मौजूदगी पर कड़ी नाराजगी जताई.

’15 दिन का समय मिला है, फिर पुलिस क्यों तैनात?’

तंजीन फातिमा ने कहा कि अदालत और प्रशासनिक आदेश के अनुसार यूनिवर्सिटी को कानूनी विकल्प अपनाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है. ऐसे में पुलिस और प्रशासन का परिसर में कैंप लगाना पूरी तरह अनुचित है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई द्वेष भावना से प्रेरित है. उनके विरोध के बाद परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी बाहर चले गए, जिसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी कार्यालय में प्रबंधन और सपा नेताओं के साथ बैठक की.

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सपा का आरोप- फैसला पहले से तय था

बैठक के बाद सपा नेता और नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि 15 जुलाई को जारी नोटिस का समय पर जवाब दिया गया था और प्रशासन के सामने पक्ष भी रखा गया, लेकिन महज 10 मिनट में फैसला सुना दिया गया. उनके मुताबिक इससे साफ है कि पूरी कार्रवाई पहले से तय थी और सिर्फ औपचारिकता निभाई गई.

’15 दिन नहीं, 15 मिनट भी नहीं दिए’

आसिम राजा ने कहा कि आदेश में स्पष्ट रूप से 15 दिन का समय दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने आदेश जारी होते ही यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिस तैनात कर दी. उन्होंने इसे कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया. उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी को हाईकोर्ट जाने का पूरा अधिकार है और प्रशासन को इस अवधि का सम्मान करना चाहिए.

हाईकोर्ट में चुनौती की तैयारी

सपा नेताओं का दावा है कि जौहर यूनिवर्सिटी की सभी इमारतों के स्वीकृत नक्शे मौजूद हैं और जिला प्रशासन ने दस्तावेजों पर उचित विचार नहीं किया. उनका कहना है कि डीएम के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट से जुड़ा मामला पहले से न्यायालय में लंबित है और उस पर स्थगन आदेश लागू है.

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फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से 38 भवनों को अवैध बताते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है, जबकि यूनिवर्सिटी प्रबंधन कानूनी लड़ाई की तैयारी में जुट गया है. आने वाले दिनों में यह मामला अदालत और सियासत, दोनों में चर्चा का बड़ा विषय बना रह सकता है.