रामपुर. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. शनिवार को सपा के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा और जिला अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लेने की मांग की. इससे पहले सांसदों ने जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उनका समर्थन किया.
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इकरा हसन की दो टूक चेतावनी
सांसद इकरा हसन ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा, “जरूरत पड़ी तो एक-एक ईंट की जगह अपना सिर लगा देंगे, लेकिन यूनिवर्सिटी को गिरने नहीं देंगे.” उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य और शिक्षा का केंद्र है.
सपा सांसदों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर बाद रामपुर डीएम से मुलाकात कर ध्वस्तीकरण आदेश को वापस लेने की मांग की. सांसद जिया उर्रहमान बर्क ने आदेश को मनमाना बताते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे. वहीं सांसद रुचि वीरा ने कहा कि जरूरत पड़ी तो अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा.
सरकार पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप
सांसद हरेंद्र मलिक और राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने सरकार पर शिक्षा विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि नई यूनिवर्सिटी बनाने के बजाय शिक्षा संस्थानों को ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा.
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सुरक्षा के बीच जारी सियासी हलचल
सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट और जौहर यूनिवर्सिटी परिसर के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए. तीन थानों की पुलिस, कई सीओ, वज्र वाहन और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात रहीं. गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है. इस आदेश के खिलाफ यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मंडलायुक्त की अदालत में अपील दायर की है, जिस पर 28 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है.


