हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने पानीपत में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए 9 मामलों का तुरंत समाधान किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के निस्तारण में ढिलाई न बरतने के कड़े निर्देश जारी किए।

पानीपत। बृहस्पतिवार को आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में लोक निर्माण और जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने जनता की समस्याएं सुनीं। मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 14 जनशिकायतें प्रस्तुत की गईं। इनमें से 9 मामलों का त्वरित निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष 5 प्रकरणों पर अगली बैठक तक संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।

अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क करते हुए कैबिनेट मंत्री ने जनसमस्याओं के समाधान में ढिलाई न बरतने की सख्त ताकीद की। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में राज्य सरकार आमजन की दुश्वारियों को जल्द से जल्द दूर करने के प्रति संकल्पबद्ध है। जिन मामलों की सुनवाई अधूरी रही है, उनमें अफसरों को अगली बैठक में पूरे विवरण के साथ मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बैंक और कॉलोनाइजर पर सख्ती

बैठक के दौरान एक कॉलोनी और बैंक कर्ज से जुड़े पेचीदा मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि गरीब प्लॉटधारकों की समस्या का हल नहीं निकाला गया तो बैंक और कॉलोनाइजर दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। कागजी दस्तावेजों की पड़ताल किए बिना ऋण मंजूर करना और जमीनों की बिक्री करना गंभीर लापरवाही है। किसी भी सूरत में निर्धन तबके का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सड़कों के निर्माण पर स्पष्टीकरण

प्रदेश में सड़कों की हालत और निर्माण कार्य से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए रणबीर गंगवा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय वजहों से तारकोल की आपूर्ति बाधित हुई थी, लेकिन अब हालात सामान्य हो रहे हैं। मानसून खत्म होने के तुरंत बाद सड़कों के निर्माण और पैचवर्क का काम युद्धस्तर पर शुरू कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिया कि निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

राजनीतिक और अन्य मुद्दों पर रुख

राजधानी दिल्ली में विपक्षी दल के प्रदर्शन और लाठीचार्ज पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कांग्रेस के रुख को अनुचित बताया। मंत्री ने कहा कि उच्च सुरक्षा वाले इलाके में विरोध दर्ज कराकर मर्यादा का उल्लंघन किया गया है। वहीं हिसार में आर्य समाज की करोड़ों रुपये की भूमि से संबंधित विवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला फिलहाल शासन के संज्ञान में नहीं है, जानकारी मिलते ही निष्पक्ष जांच कराकर वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।