रांची। रांची से सटे अनगड़ा में गुरुवार सुबह NH-33 पर अचानक वाहनों की रफ्तार थम गई। तुरूप टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया, जिसके चलते टोल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्री बसों और ट्रकों के साथ अन्य वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहे। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।

नौकरी जाने की आशंका के बीच कर्मचारियों ने उठाया कदम

दरअसल, तुरूप टोल प्लाजा के संचालन की जिम्मेदारी अब पुरानी कंपनी ‘महेश लोवी पाटिल कंस्ट्रक्शन’ से नई एजेंसी को सौंपे जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान कर्मचारियों के बीच नौकरी और वेतन को लेकर असमंजस पैदा हो गया।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में उनकी नौकरी की स्थिति स्पष्ट नहीं है। बकाया मानदेय और सेवा शर्तों को लेकर भी स्थिति साफ नहीं होने पर उन्होंने गुरुवार तड़के काम बंद कर दिया।

टोल बंद होते ही हाईवे पर बढ़ा दबाव

कर्मचारियों के काम रोकने से टोल पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। कुछ ही देर में NH-33 के दोनों तरफ लंबी कतारें लग गईं। जाम में यात्री वाहन, मालवाहक ट्रक और अन्य गाड़ियां फंस गईं। आपातकालीन वाहनों को भी रास्ते में परेशानी होने की बात सामने आई।

अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बैठाकर कराई बातचीत

जाम की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी टोल प्लाजा पहुंचे। अधिकारियों ने हड़ताली कर्मचारियों और नई संचालन एजेंसी के प्रतिनिधियों से बातचीत की। काफी देर चली वार्ता के बाद कर्मचारियों की मांगों को लेकर सहमति बनी।

नौकरी से लेकर स्थानीय नियुक्ति तक, ये फैसले हुए

समझौते के तहत पुराने कर्मचारियों की नौकरी बरकरार रखने पर सहमति बनी। इसके अलावा मासिक वेतन 15 हजार रुपये तय किया गया। कुल 109 कर्मचारियों के पदों में 75 प्रतिशत पद स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित रखने पर भी सहमति बनी।

हड़ताल खत्म, फिर शुरू हुआ टोल संचालन

तीनों मुद्दों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली। टोल प्लाजा पर संचालन दोबारा शुरू होने के साथ ही वाहनों की आवाजाही सामान्य होने लगी और NH-33 पर लगा जाम भी धीरे-धीरे खुल गया।