सत्या राजपूत, रायपुर। श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के बी ऑप्टोमेट्री (बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री बैच 2020-24) के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को मुजगहन थाने पहुंचकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम को छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त और रजिस्ट्रेशन योग्य बताकर प्रवेश दिलाया, लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद उनकी डिग्री मान्य नहीं निकली। इससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।

रायपुर जिला एनएसयूआई अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी के नेतृत्व में छात्रों ने थाने में शिकायत सौंपते हुए विश्वविद्यालय पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को यह विश्वास दिलाया गया था कि बी ऑप्टोमेट्री पाठ्यक्रम को छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त है और पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद उन्हें रजिस्ट्रेशन भी मिल जाएगा। इसी भरोसे में छात्रों ने दाखिला लिया और लाखों रुपये फीस के रूप में जमा किए।
नौकरी के समय खुली हकीकत
छात्रों का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद जब उन्होंने सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन किया, तब उन्हें पता चला कि उनकी डिग्री को मान्यता प्राप्त नहीं माना जा रहा है। कई जगह आवेदन निरस्त कर दिए गए, जिससे उनके करियर पर संकट खड़ा हो गया है।

प्रत्येक छात्र से वसूले गए करीब 6 लाख रुपये
छात्र-छात्राओं के अनुसार विश्वविद्यालय प्रत्येक वर्ष लगभग 1.50 लाख रुपये शुल्क लेता था। चार वर्षीय पाठ्यक्रम के दौरान प्रत्येक छात्र ने करीब 6 लाख रुपये विश्वविद्यालय को फीस के रूप में जमा किए। जब कुछ छात्रों ने पाठ्यक्रम की मान्यता को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किए, तब उन्हें आश्वासन दिया गया कि मान्यता की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। हालांकि, कोर्स पूरा होने के बाद भी न तो मान्यता मिली और न ही किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन।
पांच बैच हो चुके पासआउट, छठवें बैच पर भी संकट
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने बताया कि विश्वविद्यालय से बी ऑप्टोमेट्री के पांच बैच पासआउट हो चुके हैं और इनमें करीब 500 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हैं। अब छठवां बैच भी पासआउट होने की कगार पर है, लेकिन अब तक किसी भी छात्र को संबंधित काउंसिल से रजिस्ट्रेशन प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में सैकड़ों छात्रों का भविष्य अंधकारमय होता नजर आ रहा है।
15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

छात्रों और एनएसयूआई ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रशांत गोस्वामी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर विश्वविद्यालय के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तो रायपुर जिला एनएसयूआई हजारों छात्रों के साथ स्वास्थ्य मंत्री के निवास का घेराव करेगी और बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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