पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुए कई दिन बीत चुके है. इतने दिनों के बाद भी TMC सियासत की सुर्खियों में शायद ही कोई ऐसा दिन होगा, जब ना रहा होगा. TMC के बागी नेताओं और पार्षदों के एक गुट ने कोलकाता में आयोजित सोमवार को विशेष बैठक के बाद पार्टी संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ही अध्यक्ष पद से हटाने का दावा कर दिया है. उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी को एक ऑफर भी दे दिया है.
TMC के 20 सांसदों ने बगावत कर अलग गुट बना लिया, जिससे पार्टी के अंदर चल रहा घमासान खुलकर सामने आ गया है. बागी गुट ने ममता बनर्जी को झटका देते हुए उनकी जगह अरूप रॉय को अध्यक्ष चुन किया है.
TMC पर नियंत्रण की लड़ाई में एक बड़ा मोड़ तब आया जब विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट ने सोमवार को कोलकाता में एक विशेष सत्र बुलाया. विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के प्रति नरम रुख अपनाते हुए कहा कि यदि वह चाहें तो बागी गुट की मुख्य सलाहकार बन सकती हैं.
सोमवार को बागी गुट ने खुद को असली TMC घोषित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी के चेयरपर्सन पद से हटाने और अभिषेक बनर्जी को सस्पेंड करने का ऐलान किया.
नेता ऋतब्रत बनर्जी ने आगे कहा कि, सवाल असली या नकली होने का नहीं है, हम तृणमूल कांग्रेस हैं और आज सोमवार 22 जून 2026 के विशेष सत्र की कार्यवाही के बारे में निर्वाचन आयोग को सूचित करेंगे. मीडिया को बताते हुए उन्होंने फिर कहा कि, ‘अगर ममता बनर्जी मुख्य सलाहकार बनना चाहती हैं, तो उनका हार्दिक स्वागत है.’
विधानसभा चुनाव में 2026 में TMC को मिली करारी हार के बाद इसी महीने पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी के विपक्ष के नेता के दावे का समर्थन किया था. वहीं, TMC सांसदों के एक गुट ने पार्टी के संसदीय विंग से अलग होकर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन दिया है.
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