कैथल। सुशासन और नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार की ओर से ‘रिफॉर्म उत्सव’ अभियान चलाया जाएगा। अभियान को लेकर डीसी अपराजिता ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। यह अभियान चार चरणों में 25 दिसंबर यानी सुशासन दिवस तक चलेगा। इसके तहत आमजन से सुझाव लेकर प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लागू किए जाएंगे। प्रमुख विभागों को अपने क्षेत्र में कम से कम पांच प्रशासनिक सुधार लागू करने का लक्ष्य दिया गया है।

डीसी अपराजिता ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार सुशासन और नागरिक केंद्रित शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रिफॉर्म उत्सव अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 25 दिसंबर यानी सुशासन दिवस तक चार चरणों में चलेगा। इसमें सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और इसको लेकर तैयारी शुरू करें।

डीसी अपराजिता वीरवार को लघु सचिवालय के वीडियो कांफ्रेंस रूम में रिफॉर्म उत्सव की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को संबोधित कर रहीं थीं। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों को अभियान के सफल क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

डीसी अपराजिता ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नीति-निर्माण को जमीनी स्तर से जोड़ना और आमजन के सुझावों के आधार पर प्रशासनिक व्यवस्था में ओर अधिक सुधार करना है। इसके लिए विशेष पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें एवं सुझाव दर्ज करा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि यह अभियान चार चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण जन मंथन के तहत 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक पोर्टल के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। जनसभाओं, रैली एवं नुक्कड़ नाटकों सहित विभिन्न माध्यमों से लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

दूसरे चरण विमर्श के तहत 10 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्राप्त सुझावों की गहन समीक्षा की जाएगी। तीसरे चरण जन समाधान में 10 अक्टूबर से 20 दिसंबर तक त्वरित सुधारों को धरातल पर लागू किया जाएगा। मध्यम अवधि के सुधारों के लिए रोडमैप, माइलस्टोन और समय-सीमा तय की जाएगी।

अंतिम चरण संकल्प सिद्धि 25 से 27 दिसंबर तक आयोजित होगा। 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के अवसर पर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में लागू किए गए सुधारों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

इस अभियान में स्कूल-कॉलेज, पंच-सरपंच, आरडब्ल्यूए, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को अभियान से जोड़ने में सहयोग करेंगे। मैराथन, वॉकथॉन, साइकिल रैली जैसी आउटरीच गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इस अभियान के तहत प्रमुख विभागों को अपने क्षेत्र के मुख्य बिंदुओं की पहचान कर कम से कम पांच प्रशासनिक सुधार लागू करने का लक्ष्य दिया गया।