लखनऊ। राजधानी में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (उत्तर क्षेत्र) का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन नई ऊर्जा और संकल्प के साथ प्रारंभ हुआ। दिनभर चलने वाले विषयगत सत्रों में किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, बागवानी की असीम संभावनाएं, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत किसान रजिस्ट्री जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर गहन समीक्षा और सार्थक संवाद होगा।
राज्यवार कृषि का रोडमैप बनाएंगे
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि खरीफ और रबी सीजन की योजनाओं को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए क्षेत्रवार (रीजनल) कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। हम सभी राज्यों के साथ कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं। हम मिलकर राज्यवार कृषि का रोडमैप बनाएँगे। फार्मर आईडी किसानों पहचान है। ये कई रोगों की दवा है। इसमें 17 तरह की सुविधाएं हैं। हमने लैब को लैंड से जोड़ने के लिए विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया। इस अभियान के माध्यम से 60,000 से अधिक गांवों में पहुंचकर आधुनिक अनुसंधान, नई तकनीक और समाधान सीधे किसानों तक पहुंचाए गए।
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सीएम योगी ने क्या कहा
वहीं सीएम योगी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पहली बार क्षेत्रीय स्तर पर कृषि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल अत्यंत व्यावहारिक है। गत वर्ष चलाए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान मैंने विभिन्न जनपदों में किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि शिक्षा से जुड़े युवाओं में अद्भुत उत्साह देखा। पहली बार लैब को लैंड तक पहुँचाने का अभिनव प्रयास हुआ। उत्तर भारत के इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अनुभवों का आदान-प्रदान होगा, जिससे एक-दूसरे की सफल पहलों से सीख लेकर कृषि क्षेत्र को और सशक्त बनाया जा सकेगा।
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