मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) के नेतृत्व में दिल्ली सरकार (Government of Delhi) ने राजधानी में जल संकट और प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने यमुना नदी (Yamuna River) के पुनर्जीवन और नजफगढ़ ड्रेन (Najafgarh Drain) की सफाई को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली में जल प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना, सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाना और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाना है। इसके तहत सीवर नेटवर्क के विस्तार, आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) विकसित करने और जलापूर्ति प्रणाली में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दिल्ली सरकार की प्राथमिकता राजधानी के हर नागरिक को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित तथा जल-सुरक्षित राजधानी के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि यमुना और नजफगढ़ ड्रेन में गिरने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए व्यापक स्तर पर सफाई और अपशिष्ट उपचार कार्य किए जाएंगे। इसके लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है और जल प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राजधानी में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता का विस्तार करना और जल संरक्षण से जुड़े ढांचे को आधुनिक बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके तहत नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर नेटवर्क के विस्तार और वर्षा जल संचयन जैसी योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो और भविष्य के जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं प्राप्त होंगी।
नजफगढ़ क्षेत्र को तोहफा
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में 12 डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) लगाने की मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर लगभग 860 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इन्हें केंद्र सरकार की AMRUT योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इन सभी प्लांटों की कुल क्षमता 46.5 MGD (Million Gallons Per Day) होगी। इनमें सबसे बड़ा प्लांट मित्राऊं क्षेत्र में 17 MGD क्षमता का होगा। इसके अलावा कैर, कांगनहेड़ी, ककरोला और दिचाऊं कलां में चार प्लांट, गालिबपुर, सारंगपुर और शिकारपुर में तीन प्लांट तथा हसनपुर, जाफरपुर, काजीपुर और खेड़ा डाबर में चार प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से नजफगढ़ क्षेत्र की 121 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों और 35 गांवों को लाभ मिलेगा। अनुमान है कि करीब 7 लाख लोग इससे सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। सरकार का कहना है कि इन प्लांटों के शुरू होने के बाद अनुपचारित सीवेज को नजफगढ़ ड्रेन में जाने से रोका जा सकेगा, जिससे यमुना नदी के प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
केशोपुर STP का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के पहले चरण का अपग्रेडेशन और क्षमता विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना के तहत प्लांट की मौजूदा क्षमता 12 MGD से बढ़ाकर 18 एमजीडी की जाएगी। इसके लिए लगभग 122 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस अपग्रेडेशन का उद्देश्य उपचारित जल (ट्रीटेड वाटर) की गुणवत्ता को आधुनिक और नवीनतम मानकों के अनुरूप बनाना है, ताकि इसे अधिक प्रभावी तरीके से पुन: उपयोग किया जा सके। परियोजना में 11 वर्षों तक संचालन और रखरखाव (O&M) की व्यवस्था भी शामिल होगी। इससे प्लांट की दीर्घकालिक कार्यक्षमता सुनिश्चित होगी और सिस्टम का बेहतर संचालन हो सकेगा।
भूजल स्तर सुधारने को दिल्ली सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting) को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। इस योजना के तहत दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया गया है कि वह विभिन्न विभागों के साथ मिलकर नए वर्षा जल संचयन ढांचों का निर्माण करे और पहले से मौजूद संरचनाओं का पुनर्स्थापन (रेस्टोरेशन) सुनिश्चित करे। इस पहल का उद्देश्य बारिश के पानी को अधिक से अधिक संरक्षित कर भूजल स्तर में सुधार लाना और जल संकट की चुनौतियों से निपटना है। योजना को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने 4 ग्राउंड वॉटर एक्सपर्ट्स और दस रेन वाटर हार्वेस्टिंग सोशल मोबिलाइजर्स की नियुक्ति करने का भी निर्णय लिया है। ये विशेषज्ञ और फील्ड टीम लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद करेंगे।
त्रिलोकपुरी और शाहदरा क्षेत्रों में सीवरेज और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जाएगा। त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र में अमीचंद चौक से पुराना कल्याणपुरी सीवेज पंपिंग स्टेशन तक लगभग 57 करोड़ रुपये की लागत से प्रमुख ट्रंक सीवर लाइन का पुनर्वास किया जाएगा। यह सीवर लाइन 40 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी है और पिछले कुछ वर्षों में इसमें कई बार धंसाव और तकनीकी खराबियां सामने आई थीं।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रभावी बनने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय निवासियों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी। इसके अलावा शाहदरा विधानसभा क्षेत्र के रोहतास नगर में जलापूर्ति सुधार के लिए एक नई परियोजना भी शुरू की जाएगी। यहां 0.72 एमजीडी क्षमता वाला अंडरग्राउंड रिजर्वायर (UGR) और बूस्टर पंपिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से क्षेत्र की जल आपूर्ति प्रणाली मजबूत होगी और लोगों को बेहतर एवं नियमित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
दिल्ली को जल-सुरक्षित राजधानी बनाना हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली जल प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, वर्षा जल संचयन और यमुना पुनर्जीवन जैसे क्षेत्रों में देश के लिए एक उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत करेगी। इन योजनाओं के माध्यम से राजधानी में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों, अभियंताओं, फील्ड स्टाफ और जनप्रतिनिधियों को इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि इन पहलों से लाखों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित राजधानी बनाने के संकल्प को और अधिक मजबूती मिलेगी।
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