शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट को लेकर मचे घमासान के बीच प्रदेश में एक बार फिर ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ की एंट्री हो गई है। अपने कुनबे को बिखरने से बचाने और विधायकों को एकजुट रखने के लिए कांग्रेस पार्टी आज बड़ी बाड़ेबंदी करने जा रही है। कांग्रेस के तमाम विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु भेजा जा रहा है।
दोपहर 1 बजे उड़ान भरेगा चार्टर्ड प्लेन,
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस आलाकमान कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। विधायकों को ले जाने के लिए कर्नाटक से एक विशेष चार्टर्ड प्लेन भोपाल पहुंच चुका है। दोपहर ठीक 1 बजे कांग्रेस के विधायक भोपाल के स्टेट हैंगर से बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। सभी विधायक 18 जून तक बेंगलुरु के एक लग्जरी रिजॉर्ट में कड़े पहरे के बीच रहेंगे। गौरतलब है कि 18 जून को ही राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए वोटिंग होनी है, और विधायक सीधे वोटिंग के दिन ही भोपाल लौटेंगे। कांग्रेस विधायक सुरेश राजे ने रवानगी की पुष्टि करते हुए कहा, “हम सभी बेंगलुरु जा रहे हैं और वोटिंग से ठीक पहले एकजुट होकर लौटेंगे।”
5 से 7 सीनियर विधायक आज नहीं जा रहे बेंगलुरु
सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस के सभी विधायक आज एक साथ रवाना नहीं हो रहे हैं। करीब 5 से 7 सीनियर विधायक आज भोपाल में ही रुकेंगे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, वरिष्ठ विधायक सतीश सिकरवार और आरिफ मसूद आज चार्टर्ड प्लेन में सवार नहीं होंगे। बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कल (बुधवार) बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। वहीं, कुछ विधायक राजनीतिक हलचल के बीच अपने परिवार को भी साथ लेकर बेंगलुरु जा रहे हैं।
भारत आदिवासी पार्टी के विधायक गायब! दोनों मोबाइल बंद
इस भारी सियासी उठापटक के बीच एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार अचानक लापता हो गए हैं। डोडियार की लोकेशन दिल्ली के आसपास की बताई जा रही है। वे कल दिल्ली पहुंचे थे। विधायक कमलेश्वर डोडियार के दोनों मोबाइल नंबर अचानक बंद आ रहे हैं, जिससे उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले एक आदिवासी विधायक का इस तरह अचानक गायब होना और फोन बंद कर लेना, मध्य प्रदेश की सियासत में किसी बड़े उलटफेर की ओर इशारा कर रहा है। इसके बाद से दोनों ही प्रमुख दलों (भाजपा और कांग्रेस) के खेमे में धड़कनें तेज हो गई हैं।


