कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता एक किशोरी को मां बनने की अनुमति देते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि बच्चे के जन्म के बाद उसके पालन-पोषण, शिक्षा और आवश्यक देखभाल की जिम्मेदारी उठाई जाए।

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जानकारी के अनुसार, खरगौन निवासी पीड़िता वर्तमान में 24 सप्ताह की गर्भवती है। मामला पहले निचली अदालत में पहुंचा था, जहां गर्भपात की अनुमति से जुड़े प्रश्न पर केस को हाई कोर्ट भेज दिया गया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने स्वयं अदालत के समक्ष अपनी इच्छा जाहिर करते हुए बच्चे को जन्म देने की बात कही। हाई कोर्ट ने पीड़िता की इच्छा को महत्व देते हुए उसे गर्भ जारी रखने और बच्चे को जन्म देने की अनुमति प्रदान कर दी।

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कोर्ट ने अपने आदेश में राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि बच्चे के 16 वर्ष की आयु तक उसके लालन-पालन, शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। हाई कोर्ट के इस फैसले को पीड़िता और उसके होने वाले बच्चे के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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