आशुतोष द्विवेदी, रीवा। पिछले 24 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। रीवा शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है और कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
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सड़कों पर उतरे कलेक्टर और एसपी; प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
बाढ़ जैसे हालात का जायजा लेने के लिए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह रेस्क्यू टीम के साथ खुद ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचे। अधिकारियों ने शहर के निराला नगर, बांस घाट, नेहरू नगर, बिछिया, महाजनटोला और निपानिया जैसे जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निराला नगर स्थित ‘पोस्ट मैट्रिक जनजाति छात्रावास’ में पानी भरने पर कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराई गई।
राजस्व और पुलिस विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों पर नज़र बनाए हुए हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए टीमों को मुस्तैद रखा गया है। गनीमत यह रही कि अब तक कहीं से किसी जनहानि या बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
सिरमौर में महिलाओं ने दिखाई इंसानियत: पीड़ितों के लिए संभाली भोजन की कमान
रीवा शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर सिरमौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पथरी में संकट की इस घड़ी में मानवीय संवेदना की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है।
मुन्नीबाई स्व-सहायता समूह की पहल: बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए स्थानीय ‘मुन्नीबाई स्व-सहायता समूह’ आगे आया है।
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स्कूल परिसर में बनाया राहत केंद्र: समूह की महिला सदस्यों ने गांव के स्कूल परिसर में रसोई संभाल ली है और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए ताज़ा भोजन तैयार कर उपलब्ध करा रही हैं। स्थानीय लोग कर रहे सराहना: महिलाओं द्वारा दिखाई गई इस सहृदयता और पहल की पूरे इलाके में जमकर तारीफ हो रही है, जिससे प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।
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